दुनिया के 20 प्रमुख देशों के समूह जी-20 की बैठक जब शुरू हो रही हो, अमेरिका व यूरोप समेत तमाम विकसित देशों की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई हों, प्रमुख मुद्राओं में युद्ध की स्थिति आ गई हो, तमाम केंद्रीय बैंक व बड़े निवेशक सुरक्षा के लिए सोने की तरफ भाग रहे हों, ठीक उस वक्त विश्व बैंक भी सोने की अहमियत बताने लगे तो किसी का भी चौंकना स्वाभाविक है। लेकिन विश्व बैंक के अध्यक्ष रॉबर्ट जॉयलिक नेऔरऔर भी

कॉरपोरेट कार्य मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि नया कंपनी विधेयक संसद के मौजूदा शीत सत्र में नहीं, बल्कि आगामी बजट सत्र में पेश किया जाएगा। वे बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में अलग से मीडिया से बात कर रहे थे। यह विधेयक काफी लंबे समय से अटका पड़ा है। इसे अंतिम रूप दिया जा चुका है और पिछली लोकसभा के कार्यकाल में ही इसे पेश किया गया था। कंपनी विधेयक 2009 कोऔरऔर भी

निजी चीनी मिलों की लॉबी सरकार से निर्यात की इजाजत लेने की मुहिम में जुट गई है। बुधवार को निजी चीनी मिलों के संगठन इस्मा (इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन) के अध्यक्ष विवेक सरावगी और महानिदेशक अविनाश वर्मा ने अलग-अलग समाचार एजेंसियों के जरिए दावा किया कि भारत आराम से इस साल 20 लाख टन चीनी का निर्यात कर सकता है और ऐसा न करने से दुनिया में चीनी के दामों में आग लगी रहेगी। इस्मा के अध्यक्षऔरऔर भी

देश के कई हिस्सों में नैनो कार में चलते-चलते आग लग जाने की घटनाओं को टाटा मोटर्स ने अब जाकर संज्ञान में लिया है। उसने कुछ नैनो कारों को वापस मंगाने का निर्णय लिया है ताकि आग पकड़ने से बचाने के लिए उन कारों में सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय किए जा सकें। टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक (भारतीय परिचालन) पी.एम. तेलंग ने बुधवार को कुछ बिजनेस चैनलों और समाचार एजेंसियों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया, ‘‘इसकीऔरऔर भी

मशहूर अंतरराष्ट्रीय पत्रिका फोर्ब्स ने साल 2010 के लिए दुनिया के सबसे ताकतवर लोगों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 68 जानी-मानी हस्तियों को शामिल किया गया है। चौंकानेवाली बात यह है कि इसमें चीन के राष्ट्रपति हु जिनताओ को दुनिया की सबसे ताकतवर हस्ती माना गया है। जिनताओ सूची में पहले नंबर पर हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को दूसरे नंबर पर रखा गया है। यह आश्चर्यजनक बात है क्योंकिऔरऔर भी

धनतेरस पर सोना महंगा होने के बावजूद लोगों ने पारंपरिक सोच के तहत सोना खरीदा है। लेकिन इस बार चांदी के सिक्कों की खरीद जमकर हुई है। इसकी बदौलत दिल्ली में चांदी के सिक्कों का भाव उछलकर 43,000 रुपए प्रति सौ सिक्के का हो गया। व्यापारियों के मुताबिक लोगबाग यूं तो हर साल धनतेरस से लेकर दीवाली तक चांदी के बर्तन, सिक्के व अन्य साजोसामान खरीदते हैं। लेकिन इस बार सोना महंगा होने से चांदी की तरफऔरऔर भी

सरकार यूरिया से मूल्य-नियंत्रण हटाने की तरफ तेज कदमों से बढ़ रही है। बुधवार को वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और उवर्रक राज्य मंत्री श्रीकांत जेना उर्वरक उद्योग के प्रतिनिधियों से मिले। समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार इस मुलाकात के बाद उन्होंने एक पैनल बनाने का निर्णय लिया है जिसमें उर्वरक मंत्रालय, कृषि मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के शीर्ष अधिकारी शामिल रहेंगे। यह पैनल यूरिया के मूल्य से सरकारी नियंत्रण हटाने की संभाव्यता पर विचारऔरऔर भी

दुनिया की सबसे बड़ी पीसी चिप निर्माता इंटेल ने क्लाउड कंप्यूटिंग को अपनाने का खाका तैयार करने के लिए बीएमडब्ल्यू, लोकहीड मार्टिन तथा जेपी मार्गन चेज जैसी कंपनियों से गठजोड़ किया है। यह जानकारी इंटेल की तरफ से शुक्रवार को दी गई। ओपन डेटा सेंटर एलायंस (ओडीसीए) नाम के इस गठजोड़ में बीएसई सहित 70 कंपनियां हैं। भारत से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज व सीटीआरएलएस इसमें शामिल है। यह गठजोड़ भविष्य में क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए हार्डवेयर वऔरऔर भी

सरकार ने ईरान से केसर की तस्करी की बात को स्वीकार करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में 375 करोड़ रूपए के राष्ट्रीय केसर मिशन कार्यक्रम के लागू होने के बाद यह स्थिति समाप्त हो जाएगी। कृषि सचिव पी के बसु ने कहा, “हमें इस बात की जानकारी है। राष्ट्रीय केसर मिशन इन मसलों की ओर ध्यान देगा। हमारा केसर ईरान से कहीं बेहतर है।” उनसे पूछा गया था कि क्या केन्द्र सरकार को ईरान से होने वालेऔरऔर भी

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की अगले हफ्ते होनेवाली भारत यात्रा द्विपक्षीय संबंधों के आर्थिक पहलू पर केंद्रित रहेगी क्योंकि अमेरिकी प्रशासन इसे सबसे महत्वपूर्ण उभरते हुए द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों के तौर पर देखता है। ह्वाइट हाउस में उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फोरमैन ने वॉशिंगटन में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह असल में अमेरिका के लिए बहुपक्षीय और द्विपक्षीय रूप से सबसे महत्वपूर्ण और उभरते हुए आर्थिक संबंध हैं। हम जी-20 के परिप्रेक्ष्य में भारत के साथ काफीऔरऔर भी