पिछले महीने पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी की तरफ से यूलिप (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस पॉलिसी) पर कसे गए शिकंजे ने लगता है हमारी बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) को झकझोर कर रख दिया है। अब वह एक-एक कर ऐसे कदम उठा रही है जो सेबी की तरफ से उठाए गए एतराज का जवाब लगते हैं। इरडा ने यूलिप उत्पादों व कालातीत या लैप्स हो चुकी पॉलिसियों को लेकर नया रेगुलेशन लाने की पेशकश की है। इसमें खासऔरऔर भी

बैंक ऑफ राजस्थान ने आज बाकायदा तय कर लिया कि वह आईसीआईसीआई बैंक में अपना विलय करेगा। विलय के स्वरूप का फैसला दोनों बैंकों के निदेशक बोर्ड अपनी-अपनी बैठकों में करेंगे। आईसीआईसीआई बैंक देश में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक है और वह पहले भी बैंक ऑफ राजस्थान को लेने की पेशकश कर चुका है। लेकिन उस समय बैंक ऑफ राजस्थान के प्रवर्तकों ने कुछ ज्यादा ही दाम मांग लिया था। विलय पर दोनों बैंकों केऔरऔर भी

आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ व प्रबंध निदेशक चंदा कोचर का एचआरए (हाउस रेंट एलाउंस) 1 अप्रैल, 2010 से 2.50 लाख रुपए प्रति माह कर दिया गया है। इसके ऊपर से मकान के रखरखाव व फर्नीचर वगैरह का खर्च भी बैंक उठाएगा। कोचर को एचआरए व मकान संबंधी अन्य सुविधाएं तब मिलेंगी, जब वे बैंक द्वारा दिए गए आवास में नहीं रहती हैं। इससे पहले तक उनका एचआरए 1 लाख रुपए प्रति माह था। उनका वेतन 13.5 लाखऔरऔर भी

विदेशी मुद्रा के डेरिवेटिव सौदे इसीलिए होते हैं कि आयातक-निर्यातक डॉलर से लेकर यूरो व येन तक की विनिमय दर में आनेवाले उतार-चढ़ाव से खुद को बचा सकें और डेरिवेटिव सौदे कराने का काम मुख्य रूप से हमारे बैंक करते हैं। लेकिन अगस्त 2006 से अक्टूबर 2008 के दौरान जब रुपया डॉलर के सापेक्ष भारी उतार-चढ़ाव का शिकार हुआ, तब बैंकों ने हमारे निर्यातकों को ऐसे डेरिवेटिव कांट्रैक्ट बेच दिए जिनसे उनको तो फायदा हो गया, लेकिनऔरऔर भी

सोमवार से लेकर शुक्रवार तक यह सिलसिला चलता है। 8 बजे सुबह से ‘राइट-टाइम’ शुरू हो जाता है और शाम को 3.30 बजे बाजार बंद होने तक चलता रहा है। हिंदी-अंग्रेजी के बिजनेस चैनलों पर तथाकथित एनालिस्ट डट जाते हैं। इस अंदाज में बोलते हैं जैसे सारा बजार उन्हीं की उंगलियों के इशारे पर चलता है, एकदम ज्योतिषी की तरह। खरीद, बिक्री और स्टॉप लॉस। इसे खरीदो, इसे बेचो और इतने पर स्टॉप लॉस लगा दो। लगऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने भरोसा जताया है कि यूलिप के अधिकार क्षेत्र को लेकर पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी और बीमा नियामक संस्था आईआरडीए (इरडा) के बीच उठा विवाद जल्दी ही सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने एक निजी बिजनेस चैनल के साथ बातचीत में यह विश्वास व्यक्त किया। वित्त मंत्री ने कहा कि मैं जानता हूं कि क्या हो रहा है, मुझे पूरा विश्वास है कि मामले को जल्द सुलझा लिया जाएगा। बता दें कि यूलिप (यूनिटऔरऔर भी

ईटीएफ का मतलब है एक्सचेंज ट्रेडेड फंड। ये मूलतः सूचकांक या जिंसों पर आधारित फंड होते हैं जो शेयरों की तरह स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध होते हैं और ब्रोकरों को ऑर्डर देकर या अपने डीमैट खाते से इन्हें हर दिन खरीदा-बेचा जा सकता है। दुनिया भर में ईटीएफ बहुत लोकप्रिय हैं और इनमें संस्थागत निवेशकों के लिए आम निवेशक तक अच्छा-खासा निवेश करते हैं। वहां शेयरों, ऋण प्रपत्रों और सोने ही नहीं, क्रूड ऑयल जैसे जिंसों तकऔरऔर भी

एक ही चीज कहीं सस्ती मिल रही हो तो हर किसी को लालच आ सकता है। लेकिन पूंजी बाजार के बारे में लालच हमेशा ही बुरी बला होती है। संदर्भ म्यूचुअल फंड में निवेश का है। अगर एक ही श्रेणी की दो म्यूचुअल फंड स्कीमें हैं, एक पुरानी और एक नई तो निवेशक नई स्कीम को खरीदना पसंद करता है क्योंकि उसकी यूनिटें 10 रुपए अंकित मूल्य पर ही जारी की जाती हैं, जबकि पुरानी स्कीम काऔरऔर भी

अक्षय तृतीया के मौके पर सोने व चांदी में परंपरागत खरीदारी की मांग को देखते हुए नेशनल स्पॉट एक्सचेंज (एनएसईएल) रविवार 16 मई को विशेष सत्र के लिए खुला रहेगा। निवेशक व कारोबारी सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक सोने व चांदी के सौदे कर सकेंगे। एक्सचेंज की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार निवेशक व कारोबारी को आईबीएमए मान्य सोने-चांदी और उसके सिक्के विभिन्न वर्गो में प्राप्त कर सकते हैं। खुदरा निवेशक एकऔरऔर भी

बैंकिंग व फाइनेंस की दुनिया बड़ी विचित्र होती है। इसी साल 24 फरवरी को देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन ओ पी भट्ट ने कहा था कि बैंक को अगले पांच सालों में लगभग 40,000 करोड़ रुपए जुटाने की जरूरत पड़ेगी। अब वही भट्ट साहब कह रहे हैं कि बैंक के पास 40,000 करोड़ रुपए का कैश इफरात पड़ा है जिसे बैंक कहीं लगा नहीं पा रहा है। कोई कह सकता हैऔरऔर भी