भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसई) के मुताबिक देश में राष्ट्रीय महत्व के कुल 985 प्राचीन मंदिर और 205 मस्जिदें हैं। इन मंदिरों का निर्माण चौथी से 19वीं सदी और मस्जिदों का निर्माण 12वीं से 19वीं सदी के दौरान किया गया था। सबसे ज्यादा प्राचीन मंदिर कर्णाटक (203), तमिलनाडु (113), उत्तर प्रदेश (105), महाराष्ट्र (97), मध्य प्रदेश (80) और आंध्र प्रदेश (56) में हैं। सबसे ज्यादा प्राचीन मस्जिदें गुजरात (44), उत्तर प्रदेश (41), कर्नाटक (32) और दिल्ली (19) मेंऔरऔर भी

जी, हां। देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी (भारतीय जीवन बीमा निगम) का सच यही है। उसकी चुकता पूंजी महज 5 करोड़ रुपए है। लेकिन उसकी संपत्ति के एक अंश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुंबई के सबसे पॉश इलाकों फोर्ट (कोलाबा) और चर्चगेट में हर दूसरी-तीसरी बिल्डिंग उसी की नजर आती है। पूरे देश में एलआईसी के पास जबरदस्त प्रॉपर्टी है। वह इस समय करीब 10 लाख करोड़ रुपए कीऔरऔर भी

हमारे कपड़ा निर्यात का 60 फीसदी हिस्सा अमेरिका और यूरोप के बाजारों में होता है। इसलिए यूरोप व अमेरिका में कुछ भी गड़बड़ होती है तो देश का कपड़ा निर्यात बुरी तरह प्रभावित होता है। यूरोप के संकट के संदर्भ में केंद्रीय कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन का कहना है कि हमारा एक पैर अब भी कब्र में है। वित्त वर्ष 2009-10 में देश का कपड़ा निर्यात 19 अरब डॉलर का रहा है। चालू वित्त वर्ष में कुलऔरऔर भी

अनिल अंबानी ने मुकेश अंबानी के खिलाफ न्यूयॉक टाइम्स में 15 जून 2008 को बातचीत पर आधारित जिस लेख के आधार पर 10,000 करोड़ रुपए की मानहानि का दावा किया था, उसे अखबार ने अपनी वेबसाइट पर अभी तक जस का तस रखा है। इस लेख के छठे पेज पर मुकेश के हवाले बताया गया है कि धीरूभाई के जमाने में समूह के लिए दिल्ली में लॉबिंग व जासूसी करनेवालों का पूरा नेटवर्क अनिल अंबानी देखते थे।औरऔर भी

इस समय भारतीय शेयर बाजार में कुल 1702 एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) और उनसे जुड़े 5382 सब-एकाउंट काम कर रहे हैं। एफआईआई तो अमेरिका से लेकर ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे तमाम देशों के हैं। लेकिन ज्यादातर सब-एकाउंट मॉरीशस के हैं। म़ॉरीशस का पता रखने से फायदा यह होता है कि उन्हें भारतीय शेयर बाजार से की गई कमाई पर किसी भी सूरत में कोई टैक्स नहीं देना पड़ता। दूसरी तरफ भारतीय निवेशक को एक साल केऔरऔर भी

अमेरिका के विभिन्न इलाकों में इस समय करीब 115 टाइम बैंक चल रहे हैं और 100 से ज्यादा बनने की प्रक्रिया में हैं। ये को-ऑपरेटिव या कम्युनिटी बैंक की तरह काम करते हैं। ऐसे हर बैंक में सदस्यों की औसत संख्या 15,000 से ज्यादा है। अगर कोई सदस्य किसी दूसरे सदस्य के लिए एक घंटे काम करता है तो उसके खाते में एक टाइम डॉलर क्रेडिट हो जाता है। इसे वह किसी भी दूसरे से एक घंटेऔरऔर भी

भारत अब कृषि-प्रधान देश नहीं रहा। आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कृषि क्षेत्र का योगदान मैन्यूफैक्चरिंग से कम है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक 2009-10 के जीडीपी में मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र का योगदान 7,19,975 करोड़ रुपए (16.1%) है, जबकि कृषि, वानिकी व फिशिंग का योगदान 6,51,901 करोड़ रुपए (14.6%) है। लेकिन उद्योग के बढ़ने के बावजूद वहां रोजगार के अवसर नहीं बढ़े हैं। कृषि पर निर्भर आबादी 70औरऔर भी

गुजरात के साणंद में करीब 2000 करोड़ का टाटा नैनो संयंत्र आ जाने से वहां जमीन-जायदाद की कीमतों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। दो साल पहले तक वहां जमीन का भाव 800-1000 रुपए प्रति वर्ग गज था। अब यह 3500-4000 वर्ग गज हो गया है। अभी तक साणंद इलाके को तंबाकू की बेल्ट माना जाता रहा है। लेकिन अब यह दिल्ली के पास का गुडगांव बनता जा रहा है। शहर को कांडला पोर्ट से जोड़नेवाला राजमार्ग अभीऔरऔर भी

जीवन बीमा कंपनियों का धंधा चौचक चल रहा है। अप्रैल, 2010 में उन्होंने कुल 5746.33 करोड़ रुपए का प्रीमियम इकट्ठा किया है। यह रकम अप्रैल, 2009 के कुल 3601.58 करोड़ रुपए के प्रीमियम से 59.55 फीसदी अधिक है। देश में कुल 23 जीवन बीमा कंपनियां सक्रिय हैं। 22 निजी क्षेत्र की और एक एलआईसी। लेकिन अकेले एलआईसी बाकी 22 पर भारी है। अप्रैल 2010 में उसका प्रीमियम संग्रह 4173.69 करोड़ रुपए रहा है जो सारी बीमा कंपनियोंऔरऔर भी

देश की आबादी करीब 118 करोड़ हो चुकी है। लेकिन हमारे सभी बैंकों में कुल बचत खातों की संख्या केवल 15 करोड़ है। ऐसा तब है जबकि भारत में दुनिया का सबसे बड़ा बैंकिंग तंत्र है जिसमें कुल करीब 79,000 शाखाएं व एटीएम वगैरह शामिल हैं। रिजर्व बैंक, नाबार्ड व राज्य सरकारों की तमाम कोशिशों के बाद 8.6 करोड़ घरों तक स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के जरिए बैंकिंग सेवा को पहुंचाया गया है। देश भर में बचतऔरऔर भी