बाज़ार को मथकर विदेशी निकाल रहे मक्खन

हमारे शेयर बाज़ार में दो करोड़ भारतीयों के ऊपर म्यूचुअल फंडों, बैंकों व बीमा कंपनियों के कुल धन पर भी भारी पड़ता है एफपीआई या एफआईआई के रूप में आ रहा विदेशियों का धन। विदेशी निवेशक इस साल जनवरी से लेकर अब तक भारतीय बाज़ार में शुद्ध रूप से लगभग 80,000 करोड़ रुपए लगा चुके हैं। उनके लिए भारतीय शेयर बाज़ार सोने का अंडा देनेवाली मुर्गी है। मुनाफा कमाने के लिए भारत जैसे बाज़ार में आए हैं तो बीच-बीच में बेचकर मुनाफा कमाते रहते हैं। लेकिन कभी इतना ज्यादा नहीं बेचते कि घबराहट फैल जाए और बाज़ार धराशाई हो जाए। धन की मथनी से निकल रहा है मुनाफे का मक्खन। अब शुक्रवार का अभ्यास…

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