ट्रेडिंग की घाटी में बेध्यानी और बिना तैयारी के उतरना घातक है। अगर आप पूरी मानसिक व भावनात्मक तैयारी के बगैर इसमें उतरते हैं तो समझिए कि बिना स्टीयरिंग के गाड़ी चला रहे हैं। तब आप घाटी में कहीं गिरकर बर्बाद हो जाएंगे। शातिर शिकारियों का निवाला बन जाएंगे। याद रखें कि ट्रेडिंग 90-95% मन व भावना को वश में रखने का खेल है। यहां आप रिस्क उठाते हैं, लेकिन एकदम गिनकर। पकड़ें अब दिसंबर का सूत्र…
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