हर दिन, हर स्टॉक में ट्रेड ज़रूरी नहीं
चलनेवाले मॉल में रोज़ाना हज़ारों चीज़ें बिकती है और रोज़ वहां हज़ारों लोग जाते हैं। लेकिन आप न तो वहां हर चीज़ खरीदते और न ही रोज़ाना जाते हो। इसी तरह हर दिन और हर स्टॉक में ट्रेडिंग कतई ज़रूरी नहीं। कुछ सफल ट्रेडर साल में पांच-दस स्टॉक में दस-बीस दिन की ट्रेडिंग से जमकर कमाते हैं। प्रत्येक स्टॉक का अलग स्वभाव होता है और हमें माफिक स्टॉक्स छांटकर उनमें ट्रेड करना चाहिए। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी
अपने को साधिए, सध जाएगी ट्रेडिंग
वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग में सबसे बड़ी आस्ति हैं आप और आपका माइंटसेट। टेक्निकल एनालिसिस, ट्रेडिंग की सलाह, सूचनाओं व ज्ञान का नंबर बाद में आता है। आप इसलिए क्योंकि स्टॉप लॉस या किसी अन्य वजह से हिल गए हैं तो आप सही व संतुलित फैसला ले ही नहीं पाएंगे। माइंडसेट इसलिए क्योंकि आपको भीड़ से उल्टा सोचने की आदत डालनी है। औरों से पहले खरीदें और औरों से पहले बेचें। अब आजमाते हैं बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी
गंवाएं तो पैसा, पर कमाएं तो रुपया
बाज़ार में सभी पैसा बनाने के लिए आते हैं। मगर कड़वी हकीकत यह है कि यहां 95% लोग पैसा गंवाते हैं और केवल 5% कमाते हैं। इसका कारण सूचनाओं या पूंजी का अभाव नहीं। दरअसल, ट्रेडिंग में भावों की सूचना सबसे अहम है जो छोटे-बड़े सभी को उपलब्ध है। हरेक सौदे में जीतना संभव नहीं। लेकिन हम ‘गंवाएं तो पैसा, कमाएं तो रुपया’ का अनुशासन अपनाएं तो बराबर फायदे में रहेंगे। अब पकड़ते हैं मंगलवार की आहट…औरऔर भी
फरमान है बजट पर तूफान मचाने का
सरकार ने चाहा। मगर, बहाना है कि ब्रोकरों के संगठन, एसोसिएशन ऑफ नेशनल स्टॉक एक्सचेंजेज़ मेम्बर्स ऑफ इंडिया ने मांग की थी कि बजट के दिन शनिवार को बाज़ार खोला जाए ताकि उसी दिन मूल्यों की खोज़ सही हो जाए। असली बात यह है कि सरकार बजट पर फौरन बाज़ार की तालियां चाहती है। सेबी ने सरकार का इशारा समझते हुए बजट के दिन बाज़ार खोलने का फरमान जारी कर दिया। अब करते हैं हफ्ते का आगाज़…औरऔर भी
निवेशकों का टूटा भरोसा जुड़े तो कैसे!
शेयर बाज़ार में भरोसे का भयंकर अकाल है। तमाम ब्रोकरेज़ हाउस व एनालिस्ट घनेरों सलाह देते हैं। लेकिन, वे जो कहते हैं, खुद उसका उल्टा करते हैं। उनका मकसद किसी तरह निवेशकों का शिकार करना होता है। निवेशकों की हालत यह है कि दूध का जला, छाछ भी फूंककर पीता है। ऐसे में निष्पक्ष व ईमानदार सलाह का पता लगते ही लोग उसके दीवाने हो सकते हैं। मगर, उन्हें पता तो लगे! तथास्तु में नई संभावनामय कंपनी…औरऔर भी





