शेयर बाज़ार अचंभों से भरा हुआ है। जो आप कभी सोच नहीं सकते हो, वही अचानक हो जाता है। तब सारे के सारे नियम, सारी की सारी गणनाएं धरी रह जाती हैं। फंडामेंटल या टेक्निकल, कोई एनालिसिस नहीं काम आती। कभी नोटबंदी जैसा बड़ा कदम शेयर बाज़ार का कुछ बिगाड़ नहीं पाता तो कभी आईएल एंड एफएस का छोटा-सा डिफॉल्ट भी बड़ी गिरावट शुरू कर देता है। ट्रेडरों को यह समझ लेना चाहिए। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी

अगर कोई कंपनी ऐसी दिखे जिसके फंडामेंटल मजबूत हैं, प्रबंधन शानदार है, ट्रैक रिकॉर्ड जानदार है, भावी विकास की भरपूर संभावना नज़र आ रही है और शेयर का भाव अभी सुरक्षा का पर्याप्त मार्जिन दे रहा है तो बाज़ार की उठापटक या भीड़ की सोच की परवाह किए बिना हमें उसमें तीन से पांच साल के लिए निवेश कर देना चाहिए। दौलत बनाने का बाकी कमाल चक्रवृद्धि का जादू कर देगा। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी

आज के दौर में समझदारी इसी में है कि जब तक शेयर बाज़ार की हालत सामान्य नहीं होती, और इसमें छह से आठ महीने भी लग सकते हैं, तब तक रिटेल ट्रेडर ट्रेडिंग छोड़कर दीर्घकालिक निवेशक बन जाएं और एक-दो साल तक का निवेश करें। निवेश करने लायक मजबूत कंपनियां इस समय कम नहीं हैं। इनमें स्टॉप-लॉस की ज़रूरत नहीं। एक स्तर के बाद जितना गिरे, खरीदकर औसत लागत कम कर लेनी चाहिए। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी

बहुतेरे लोगों को हाइटाइड में सर्फिंग करने में आनंद आता है। शेयर बाज़ार में भी ज्यादा उतार-चढ़ाव होने पर कुछ ट्रेडर इंट्रा-डे से लेकर दो-चार दिन में हज़ारों पीट डालते हैं। हाल-फिलहाल तो हज़ारों ट्रेडर निफ्टी ऑप्शंस में ट्रेडिंग के अभ्यस्त हो चुके हैं और एक दिन में 20-25% से ज्यादा कमा लेते हैं। लेकिन ध्यान रहे, ये लोग या तो बहुत ज्यादा पूंजीवाले होते हैं या अभ्यास से उस्ताद बन चुके हैं। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी