साल मुबारक! अब आगाज़ ट्रेडिंग का
संवत 2075 की पूरे दिन की पहली ट्रेडिंग। बीता संवत 2074 शेयर बाज़ार में बड़ी कंपनियों के लिए ठीक रहा, जबकि छोटी व मध्यम कंपनियों को मूल्य गंवाना पड़ा। इस दौरान सेंसेक्स कुल जमा 8% और निफ्टी 4% बढ़ा, लेकिन मिडकैप सूचकांक 8% और स्मॉलकैप सूचकांक 16% गिर गया, जबकि उससे पिछले साल ये दोनों करीब 50% बढ़े थे। जाहिर है कि बाज़ार में छाई आशा अब निराशा की तरफ बढ़ रही है। अब शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी
टिप्स नहीं, गिफ्ट 20 संभावनाओं का
हम हिंदुस्तानी कुछ ज्यादा ही उत्सवधर्मी हैं। खुशियां मनाने के खूब त्योहार बना रखे हैं। यहां तक खरीदने के भी अलग त्योहार हैं। धनतेरस, गुड़ी पड़वा, अक्षय तृतीया और न जाने क्या-क्या। दिवाली के त्योहार पर तो लक्ष्मी पूजन के बाद स्टॉक व कमोडिटी एक्सचेंज बाकायदा मुहूर्त ट्रेडिंग करते रहे हैं। आज बीएसई व एनएसई में मुहूर्त ट्रेडिंग शाम 5.30 से 6.30 बजे तक होगी। प्री-ओपन सत्र 15 मिनट पहले शुरू हो जाएगा। आज हुए सारे सौदेऔरऔर भी
धन का प्रवाह अटका तो बाज़ार लटका
इस समय महालक्ष्मी खुलकर चंचला नहीं हो पा रही हैं। अर्थव्यवस्था में धन का प्रवाह रुकने लगा है। परेशान होकर सरकार तक को रिजर्व बैंक से कहना पड़ा कि एनबीएफसी को नकदी संकट में न फंसने दे। यह संकट आईएल एंड एफएस के डिफॉल्ट से उभरा और अभी तक मिटा नहीं है। सरकार और रिजर्व बैंक संयुक्त प्रयासों से इसे हल नहीं कर सके तो सारा वित्तीय बाज़ार बैठ सकता है। अब दीपावली से पहले की दृष्टि…औरऔर भी
लक्ष्मी चंचला हैं तभी तक सब दुरुस्त
मिर्ज़ा गालिब कितना भी कहते फिरें कि रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं कायल, जो आंख ही से न टपका तो लहू क्या है। लेकिन लहू बहना छोड़कर टपकने या जमने लगे तो इंसान लहूलुहान होकर इस दुनिया तक को अलविदा कह सकता है। इसी तरह लक्ष्मी पर भले ही चंचला कहकर कितनी भी तोहमत लगाई जाए, लेकिन धन का बहना रुक जाए तो अर्थव्यवस्था तबाह हो सकती है। अब दीपावली के सप्ताह की पहली ट्रेडिंग…औरऔर भी






