टेक्निकल एनालिसिस है बस दिलासा
शेयरों से लेकर कमोडिटी और फॉरेक्स बाज़ार तक ट्रेडर टेक्निकल एनालिसिस का सहारा लेते हैं। करीब 400 साल पहले जापान में चावल के थोक व्यापार में कैंडल-स्टिक पैटर्न से शुरू हुई यह विद्या आज बहुत सारे संकेतकों तक पहुंच चुकी है। इसमें पिछले पैटर्न के आधार पर भावों की नई चाल का अनुमान लगाते हैं। लेकिन यह दिल को महज दिलासा ही दिलाती है क्योंकि भाव पिछले पैटर्न पर चलें, यह ज़रूरी नहीं। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी
बाहरी टिप्स या सलाह है मन का धन
इंसान किसी काम में माहिर नहीं हो जाता, तब तक उसे बाहरी मदद की दरकार रहती है। यह बड़ी स्वाभाविक इच्छा है। शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग की शुरुआत में भी टिप्स पाने की इच्छा जगती है। लेकिन धीर-धीरे जब आप बाज़ार के स्वभाव को समझकर अपना सिस्टम विकसित कर लेते हो, तब बाहरी टिप्स या सलाह का कोई मतलब नहीं रह जाता। तब उसका महत्व बच्चे से उंगली पकड़वाने जितना रह जाता है। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी
वक्त है आपके धैर्य की परीक्षा का!
इधर कुछ दिनों से स्मॉल और मिडकैप कंपनियों के शेयरों में जान आ गई लगती है। लेकिन पिछले 13 महीनों में बीएसई स्मॉल-कैप सूचकांक लगभग 35% और मिडकैप सूचकांक 25% लुढ़क चुका है। इस दौरान अच्छी-खासी कंपनियों के शेयरों ने आम निवेशकों को रुला डाला। लेकिन कंपनी अगर अच्छी है तो पछताने के बजाय उसमें खरीद बढ़ा देने में कोई हर्ज नहीं है। समझिए कि यह आपके धैर्य की परीक्षा है। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी
गिरवी रखे शेयरों की मार बड़ी तगड़ी
सभी जानते हैं कि भारतीय बैंकों का एनपीए फिलहाल 10 लाख करोड़ रुपए से ऊपर चल रहा है। लेकिन कम लोग जानते हैं कि शेयर बाज़ार में लिस्टेड 2947 कंपनियों के प्रवर्तकों ने अपने लगभग 2.26 लाख करोड़ रुपए के शेयर अभी गिरवी रखे हैं। इन प्रवर्तकों ने कंपनी व धंधे के लिए ही शेयर गिरवी रखकर लोन लिया होगा। अगर लोन देनेवाले इनके शेयर बेचने लगे तो पूरा बाज़ार धराशाई हो जाएगा। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी







