सारा धन स्वाहा, अब बचा ही क्या!
मार्च 2020 में सेंसेक्स 23% गिर गया। शेयर बाज़ार से निवेशकों के करीब 15 लाख करोड़ रुपए उड़ गए। विश्व वित्तीय संकट के आगाज़ के दौरान अक्टूबर 2008 में भी सेंसेक्स 24% गिरा था। पर, तब निवेशकों को इतना नुकसान नहीं हुआ था। जाहिर है बाज़ार अब तेज़ी से मंदी के चक्र में गिर चुका है। खरीदने का शानदार मौका। मगर, आम निवेशकों के पास बाज़ार में लगाने को धन ही नहीं। फिर भी पेश है तथास्तु…औरऔर भी
छुट्टियों के बीच लॉक-डाउन तक बंद
वित्त वर्ष 2020-21 शुरू। कोरोना के चलते बीते वित्त वर्ष 2019-20 में अंत तक सेंसेक्स 24% और निफ्टी 26% से ज्यादा टूट गया। जल्दी ही मौसम विभाग मानसून का अनुमान पेश करेगा। लॉक-डाउन उठने में अभी 13 दिन बाकी हैं। इसमें से मात्र 5 दिन ट्रेडिंग होगी। रामनवमी, महावीर जयंती, गुड फ्राइडे व अम्बेडकर जयंती पर 4 दिन बाज़ार बंद है। ऊपर से 4 दिन शनि-रवि। सो, अगला कॉलम अब 15 अप्रैल को। फिलहाल बुध की बुद्धि…औरऔर भी
कैसे है शेयर बाज़ार आवश्यक सेवा!
ब्रोकर संगठन बराबर मांग करते रहे कि शेयर बाज़ार में जिस तरह अफरातफरी मची है, निफ्टी हर दिन 400-500 अंक उठता-गिरता है, उसमें उसे कम से कम लॉक-डाउन की अवधि तक बंद कर देना चाहिए क्योंकि मौजूदा स्थिति न ट्रेडरों के लिए अच्छी है, न निवेशकों के लिए। लेकिन पूंजी बाज़ार नियामक संस्था, सेबी इसके लिए तैयार नहीं हुई। कमाल है कि शेयर बाज़ार को आवश्यक सेवाओं का हिस्सा माना जा रहा है। अब मंगलवार का दृष्टि…औरऔर भी







