बाज़ार में हाई टाइड अभी थमा नहीं
समुद्र में हाई टाइड आता है तो आम लोगों को समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दी जाती है। शेयर बाज़ार में हाई टाइड जैसी अवस्था वोलैटिलिटी के ज्यादा बढ़ने पर आती है। वोलैटिलिटी के लिए हिंदी में कोई शब्द है नहीं। चंचलता कहने से इसकी धार हल्की पड़ जाती है। अफरातफरी या घबराहट इसे कह नहीं सकते। सांख्यिकी में इसकी गणना भावों के उतार-चढ़ाव का स्टैंडर्ड डेविएशन निकालकर की जाती है। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी
छूट गए मंजे हुए ट्रेडरों के भी छ्क्के
बाज़ार में बहुत ज्यादा उछल-कूद मची हो तो उसकी भावी गति का कोई भी अनुमान सही निकलना बेहद मुश्किल होता है। लगाने को आप अनुमान लगा ही सकते हैं, लेकिन अक्सर ये अनुमान गलत निकलते हैं तो मंजे हुए ट्रेडरों को भी तगड़ी मार लगती है। पिछले कुछ महीनों से अपने शेयर बाज़ार में यही चल रहा है। अचानक बढ़ते-बढ़ते बाज़ार लुढ़क जाता है तो गिरते-गिरते आखिरी वक्त पर एकबारगी उछल जाता है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी
अल्गो ट्रेडिंग भी बढ़ा रही अस्थिरता
अनहोनी के डर व सस्ते धन के प्रवाह के बीच अल्गोरिदम ट्रेडिंग ने भी बाज़ार के उतार-चढ़ाव को बढ़ा रखा है। ग्लोबल हो चुकी फाइनेंस की दुनिया में ऐसा हर तरफ हो रहा है। आप जानकर चौंक जाएंगे कि बीते हफ्ते बुधवार को अमेरिका का नैस्डैक-100 सूचकांक ऐतिहासिक शिखर पर पहुंच गया, लेकिन अगले ही दिन वहां के तमाम सूचकांक ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। क्या पता, हालात कब सामान्य होंगे? अब मंगलवार की बुद्धि…औरऔर भी
अनिश्चितता में छाया अज्ञात का डर
रिस्क को आप प्रायिकता से संतुलित करने की कोशिश कर सकते हो। लेकिन अनिश्चितता में अंततः बीमा ही काम आती है। उसे किसी और तरीके से मापा या नाथा नहीं जा सकता। इस समय शेयर बाज़ार में ऐसी ही अनिश्चितता छाई है। एकदम नहीं पता कि आगे क्या होनेवाला है। अज्ञात का डर सबके मन में छाया है। लेकिन सस्ते ब्याज पर इफरात धन बहता आ रहा है तो बाज़ार चढ़ रहा है। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी
निवेश में उन्माद नहीं, सावधानी
कोरोना की गिरफ्त कसती जा रही है। भारत संक्रमण में अब अमेरिका, ब्राज़ील व रूस के बाद दुनिया में चौथे नंबर पर है। ऐसे में हमारी कमज़ोर अर्थव्यवस्था का हश्र काफी बुरा हो सकता है। बड़ी कंपनियां बच जाएंगी, लेकिन तमाम छोटी व मध्यम कंपनियां डूब सकती हैं। फिर भी बीते तीन हफ्तों में 82% से ज्यादा लिस्टेड कंपनियों के शेयर चढ़ गए हैं। सो, निवेश में सावधानी बरतनी ज़रूरी है। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी






