अमेरिकी खाद्य व औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) के अनुमोदित दवा संयंत्रों की संख्या भारत में 175 है। यह अमेरिका के बाहर यूएसएफडीए की जांच के दायरे में आनेवाले दवा संयंत्रों की सबसे बड़ी संख्या है। भारत में ऐसे दवा संयंत्रों की संख्या साल 2007 में 100 के आसपास थी। असल में रैनबैक्सी, ल्यूपिन, सनफार्मा, अरबिंदो फार्मा व ऑर्किड केमिकल्स जैसी तमाम भारतीय कंपनियां अपनी जेनेरिक  दवाएं अमेरिकी बाजार में बेचती हैं। इसलिए यूएसएफडीए भारत तक में आकर इनकेऔरऔर भी

बाजार ने शुरू में थोड़ी घबराहट दिखाई। लेकिन आखिर में बंद हुआ 18,000 के थोड़ा और करीब पहुंचकर। और, यह कोई असामान्य बात नहीं है। मेरे मुताबिक इसमें कोई दो राय नहीं है कि बाजार अब ज्यादा चुनौतीपूर्ण और जटिल हो चुका है। बाजार (बीएसई सेंसेक्स) 8000 अंक से 18,000 अंकों तक का लंबा फासला तय कर चुका है। इसलिए अगर आप सोचते हैं कि आप बाजार के धुरंधर हो गए हैं और अच्छा मुनाफा कमा सकतेऔरऔर भी

आज अर्थकाम के लिए बहुत खुशी का दिन है और यह खबर हम आपके साथ बांटना चाहते हैं। अर्थकाम ने अपनी शुरुआत के चंद दिन के भीतर ही पूंजी बाजार के शोध से जुड़ी प्रमुख कंपनी सीएनआई रिसर्च से बाकायदा रणनीतिक गठजोड़ करने में कामयाबी हासिल कर ली है। यह सूचना आज 6 अप्रैल, मंगलवार को देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज बीएसई ने भी अपनी बेवसाइट पर प्रकाशित है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की वेबसाइट पर कॉरपोरेटऔरऔर भी

आरडीबी इंडस्ट्रीज के शेयरों में निवेश चालू साल 2010 का जैकपॉट बन सकता है। यह चर्चा है बाजार के कारोबारियों में। 120 रुपए के आसपास के मौजूदा भावों पर इसमें खरीद शुरू हो चुकी है। पिछले 52 हफ्तों में यह शेयर ऊपर में 142 रुपए और नीचे में 49.75 रुपए तक गया है। यह कोलकाता की कंपनी है और इसके चेयरमैन व प्रबंध निदेशक सुंदर लाल डूंगर हैं। कंपनी ने दिसंबर 2009 में खत्म तिमाही में 14.75औरऔर भी

देश में सक्रिय दुनिया की चार ऑडिट फर्में ऐसे-ऐसे काम भी कर रही हैं जिनकी उन्हें इजाजत नहीं दी गई है। यह कहना है देश में एकाउंटिंग व ऑडिटिंग की नियामक संस्था आईसीएई (इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंटट्स ऑफ इंडिया) की एक शीर्ष समिति का। आईसीएआई के पूर्व अध्यक्ष उत्तम प्रकाश अग्रवाल की अगुआई में बनी इस समिति का कहना है कि प्राइस वॉटरहाउस कूपर्स, केपीएमजी, अर्न्स्ट एंड एंग और डेलॉइटे को देश में कंसलटेंसी सेवाएं देने कीऔरऔर भी

शायद आपको नहीं पता है कि अब कोई भी डॉक्टर दवा कंपनियों ने न तो फ्री गिफ्ट ले सकता है और न ही उसके द्वारा स्पांसर की गई यात्रा पर जा सकता है। इसके लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने दोषी डॉक्टरों के नाम अपने रजिस्टर से काट देने की सजा रखी है जिसके बाद कोई भी डॉक्टर कानूनी रूप से प्रैक्टिस नहीं कर सकता। इस समय एमसीआई उन 200 डॉक्टरों का नाम पता ढूंढने मेंऔरऔर भी

शिरीष खरे यह सच है कि सरदार सरोवर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बांध है, जो 800 मीटर नदी में बनी अहम परियोजना है। सरकार कहती है कि वह इससे पर्याप्त पानी और बिजली मुहैया कराएगी। मगर सवाल है कि भारी समय और धन की बर्बादी के बाद वह अब तक कुल कितना पानी और कितनी बिजली पैदा कर सकी है और क्या जिन शर्तों के आधार पर बांध को मंजूरी दी गई थी वह शर्तें भीऔरऔर भी

शेयर बाजारों में लिस्टेड या सूचीबद्ध कंपनियों को अब हर छह महीने पर बताना होगा कि उनकी आस्तियों और देनदारियों (एसेट व लायबिलिटीज) की स्थिति क्या है। यह जानकारी उन्हें अपने छमाही नतीजों में अलग से एक नोट में देनी होगी। सभी स्टॉक एक्सचेजों के नाम आज जारी किए गए एक सर्कुलर में पूंजी बाजार नियामक संस्था, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने यह फैसला सुनाया है। सेबी ने स्पष्ट किया है कि हर छमाही बीतने केऔरऔर भी