बात मन में रखने के कुछ नहीं होगा। कहना जरूरी है। नहीं तो सामनेवाला अपनी दुनिया में मस्त रहेगा और हम अपनी दुनिया में। उसकी तर्क पद्धति व संस्कार भिन्न हैं। वह हमारी बात अपने-आप नहीं समझ सकता।और भीऔर भी

टाटा स्टील सोमवार को बीएसई में 536.20 रुपए और एनएसई में 536.35 रुपए पर बंद हुआ है। उसका टीटीएम ईपीएस या पिछले 12 महीनों की प्रति शेयर कमाई 48.96 रुपए है। इस आधार इस शेयर का मौजूदा पी/ई अनुपात 10.95 है। हालांकि बीएसई इसका पी/ई अनुपात 9.89 ही बताता है। दूसरी तरफ स्टील उद्योग की अन्य प्रमुख कंपनियों, स्टील अथॉरिटी का पी/ई अनुपात 14.08 और जेएसडब्ल्यू स्टील का 11.01 है। केवल इसी आधार पर देखें तो टाटाऔरऔर भी

विदेशी मुद्रा के डेरिवेटिव सौदे इसीलिए होते हैं कि आयातक-निर्यातक डॉलर से लेकर यूरो व येन तक की विनिमय दर में आनेवाले उतार-चढ़ाव से खुद को बचा सकें और डेरिवेटिव सौदे कराने का काम मुख्य रूप से हमारे बैंक करते हैं। लेकिन अगस्त 2006 से अक्टूबर 2008 के दौरान जब रुपया डॉलर के सापेक्ष भारी उतार-चढ़ाव का शिकार हुआ, तब बैंकों ने हमारे निर्यातकों को ऐसे डेरिवेटिव कांट्रैक्ट बेच दिए जिनसे उनको तो फायदा हो गया, लेकिनऔरऔर भी

जेनबर्क्ट फार्मास्यूटिकल्स का शेयर शुक्रवार को 71.75 रुपए तक जाकर 52 हफ्तों के शिखर पर पहुंच गया। लेकिन बंद हुआ तो गुरुवार के बंद भाव 68.30 रुपए से 4.69 फीसदी गिरकर 65.10 रुपए पर। यह कंपनी केवल बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड है। इसका शेयर बी ग्रुप में है और इसका अंकित मूल्य 10 रुपए है। पिछली चार तिमाहियों के वित्तीय परिणामों के आधार पर इसका टीटीएम (ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ) ईपीएस 7.51 रुपए है। इस तरह मौजूदाऔरऔर भी

काम पर किसी का नाम नहीं लिखा रहता। आप चूके तो कोई और कर लेगा। यह नियम साहित्य सृजन जैसे विशिष्ट काम पर भी लागू होता है। इसलिए नाम पाना है कि काम को कल पर नहीं टालना चाहिए।और भीऔर भी

अक्षय तृतीया पर गोल्ड ईटीएफ ने इस बार कमाल दिखा दिया। एनएसई व बीएसई में लिस्टेड सातों गोल्ड ईटीएफ में औसत से चार-पांच गुना ज्यादा कारोबार हुआ। बीएसई में जहां कुल 18,591 सौदों में एक लाख ईटीएफ ट्रेड किए गए, वहीं एनएसई में 1.05 लाख सौदे हुए और कुल 10.51 लाख गोल्ड ईटीएफ ट्रेड किए गए। मात्रा के लिहाज से देखें तो एनएसई में गोल्ड ईटीएफ का कुल कारोबार 172.39 करोड़ रुपए और बीएसई में 24.88 करोड़औरऔर भी

सोमवार से लेकर शुक्रवार तक यह सिलसिला चलता है। 8 बजे सुबह से ‘राइट-टाइम’ शुरू हो जाता है और शाम को 3.30 बजे बाजार बंद होने तक चलता रहा है। हिंदी-अंग्रेजी के बिजनेस चैनलों पर तथाकथित एनालिस्ट डट जाते हैं। इस अंदाज में बोलते हैं जैसे सारा बजार उन्हीं की उंगलियों के इशारे पर चलता है, एकदम ज्योतिषी की तरह। खरीद, बिक्री और स्टॉप लॉस। इसे खरीदो, इसे बेचो और इतने पर स्टॉप लॉस लगा दो। लगऔरऔर भी

बात सोची। आजमाई नहीं। उड़ गई। क्या फायदा? ज्ञान को व्यवहार की कसौटी पर कसना जरूरी है। इसी से उसके सही या गलत होने का पता भी चलता है। नहीं तो हम भ्रम में ही पड़े रहते हैं, खुद को सही माने बैठे रहते हैं।और भीऔर भी

अक्षय तृतीया के ठीक पहले देश में सोने के भाव रिकॉर्ड ऊंचाई से थोड़ा नीचे आ गए हैं। मुंबई में 99.5 शुद्धता के सोना स्टैंडर्ड का भाव शनिवार को 110 रुपए गिरकर 18,125 रुपए प्रति दस ग्राम हो गया। शुक्रवार को यह 18,325 रुपए प्रति दस ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। इसी तरह 99.9 शुद्धता के सोने का भाव शुक्रवार के 18,415 रुपए से घटकर अब 18,305 रुपए प्रति दस ग्राम पर गया है।औरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने भरोसा जताया है कि यूलिप के अधिकार क्षेत्र को लेकर पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी और बीमा नियामक संस्था आईआरडीए (इरडा) के बीच उठा विवाद जल्दी ही सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने एक निजी बिजनेस चैनल के साथ बातचीत में यह विश्वास व्यक्त किया। वित्त मंत्री ने कहा कि मैं जानता हूं कि क्या हो रहा है, मुझे पूरा विश्वास है कि मामले को जल्द सुलझा लिया जाएगा। बता दें कि यूलिप (यूनिटऔरऔर भी