जिंदगी जिनके लिए सिर्फ जीते चले जाने का नाम है, उनको कहां कभी इससे किसी तरह का गिला-शिकवा होनेवाला है। इसीलिए एकाध अपवादों को छोड़ दें तो जानवर कभी आत्महत्या नहीं करते।और भीऔर भी

गिलैंडर्स आर्बुथनॉट का नाम ही बड़ा अटपटा है। यह है तो कोलकाता के जी डी कोठारी समूह की कंपनी। लेकिन इसकी स्थापना एफ एम गिलैंडर्स और जी सी आर्बुथनॉट ने साल 1819 में एक पार्टनरशिप फर्म के रूप में की थी। यह 1935 में प्राइवेट लिमिटेड और 1947 में पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनी। आजादी के बाद इसका स्वामित्व जी डी कोठारी समूह के पास आ गया। कंपनी चाय के बगानों से लेकर कंसट्रक्शन व रीयल एस्टेट, टेक्सटाइलऔरऔर भी

भारतीय रिजर्व बैंक ने तय कर दिया है कि अब कटे-फटे, दाग-धब्बे या किसी भी तरीके से खराब हो चुके नोटों को दोबारा सर्कुलेशन में न आने देने की जिम्मेदारी बैंकों की होगी। उन्हें नोट छांटनेवाली ऐसी मशीनें लगानी होंगी जो तय कर सकें कि कोई नोट सही व फिट है या नहीं। ये मशीनें जाली नोट भी निकालकर बाहर कर देंगी। बैंक उऩ्हीं नोटों को दोबारा सर्कुलेशन में डालेंगे जो एकदम सही और फिट पाए जाएंगे।औरऔर भी

देश भर की थोक मंडियों में अब तमाम जिसों के हाजिर व वायदा भाव लाइव टिकर पर दिखाए जाएंगे। यह काम कमोडिटी बाजार के नियामक, फॉरवर्ड मार्केट कमीशन (एफएमसी) ने देश के दो प्रमुख कमोडिटी एक्सचेंजों एनसीडीईएक्स व एमसीएक्स के साथ मिलकर शुरू किया है। वित्त वर्ष 2010-11 के अंत तक देश की 1000 मंडियों में यह सुविधा पहुंचा देने का लक्ष्य है। इसकी शुरुआत कल, बुधवार से दिल्ली की आजादपुर मंडी से की जाएगी। इसका उद्घाटनऔरऔर भी

पिछले साल मई महीने में दुनिया के सबसे बड़े रिटेलर वॉलमार्ट ने भारत में अपना पहला होलसेल कैश एंड कैरी स्टोर खोला था। अब साल भर बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रिटेलर केयरफोर भी यहां पहुंच गया है। अंतर इतना है कि वॉलमार्ट ने अपना व्यवसाय भारती मित्तल समूह के साथ मिलकर शुरू किया है तो केयरफोर अभी अकेले अपने दम पर अपने पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडयरी के तहत यह कारोबार शुरू कर रहा है। मूलतःऔरऔर भी

कल का दिन ऐसा था जब ट्रेडर बाजार बंद होने के आधा घंटा पहले तीन बजे तक शॉर्ट सेलिंग करते रहे। लेकिन आखिरी आधे घंटे में उन्हें शॉर्ट कवरिंग करनी पड़ी और एक तरह से निफ्टी को 5200 अंक के ऊपर पहुंचाने में उनका भी योगदान रहा। इसके बाद थोड़ा दम लेना जरूरी था, वह आ हो गया। लेकिन इसे असली कूल-ऑफ या दम लेना नहीं कह सकते क्योंकि नए शॉर्ट सौदे होते जा रहे हैं। ज्यादातरऔरऔर भी

शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एससीआई) ने वित्त वर्ष 2009-10 की चौथी तिमाही में शानदार नतीजे हासिल किए हैं और वह जल्दी ही एक पर एक बोनस शेयर की घोषणा कर सकती है। अभी इस मामले में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक दिसंबर 2009 की तिमाही में जहां कंपनी ने 87.44 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था, वहीं चौथी तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 200 करोड़ रुपए के आसपास रह सकता है।औरऔर भी

कल के 3 इडियट्स ने अच्छा रंग दिखाया। ले लिया हो तो रखे रहिए। बाद में देखिएगा। आज दो खास शेयरों की बात, जिनसे जुड़ी हुई हैं काफी सकारात्मक खबरें। इनमें से एक है एक्वा लॉजिस्टिक्स। यह जल्दी ही हांगकांग में किए गए तीन अधिग्रहण सौदे पूरे करने जा रही है। इसकी आधिकारिक घोषणा पहले ही हो चुकी है। लेकिन पहले करार हुआ था। अब इसे अंजाम दिया जा रहा है। कंपनी के शेयर का भाव सोमवारऔरऔर भी

हमने अपनी-अपनी खोली, अपने-अपने कोटर बना रखे हैं और उसी को सारी दुनिया माने बैठे रहते हैं। लेकिन दुनिया तो बहुत व्यापक और विविधत है। हमारे ऊपर है कि हम उसके कितने हिस्से को आत्मसात कर पाते हैं।और भीऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी हर दिन एकाध कंसेंट ऑर्डर तो पास ही कर देती है। यह प्रतिभूति कानून को तोड़नेवाले पक्ष के खिलाफ प्रशासनिक या दीवानी कार्यवाही को निपटाने का आदेश होता है। इसमें कानून तोड़ने के दोष का निर्धारण किया भी जा सकता है और नहीं भी। संसद ने सेबी एक्ट 1992 के अनुच्छेद 15टी(2) के अंतर्गत सेबी को कंसेंट ऑर्डर पास करने का अधिकार दे रखा है। यह असल में आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंटऔरऔर भी