आप अपनी बनाई चीज पर फिदा हैं। आपकी निगाह में बहुत कीमत है उसकी। लेकिन इससे क्या होता है? कीमत तो दूसरे की निगाह में होनी चाहिए। दूसरा ही तय करेगा कि आपकी चीज की औकात क्या है, आप नहीं।और भीऔर भी

यूं तो हमारे शेयर बाजारों में जिन 2500 से ज्यादा कंपनियों में रोज ट्रेडिग होती है, उसमें से मुझे लगता है कि तीन चौथाई निवेश के काबिल हैं। अर्थव्यवस्था की हालत दुरुस्त रही तो लंबे समय में ये सभी अपने शेयरधारकों को फायदा देंगी। लेकिन कभी-कभी कुछ अच्छी खबरें शेयरों को हवा दे देती हैं। जैसे, हमने ठीक सात दिन पहले बर्जर पेंट्स को कुछ सकारात्मक खबरों के आधार पर खरीदने की सिफारिश की थी। तब इसकाऔरऔर भी

पूरे 34 दिन। ताबड़तोड़ बोलियों के 183 दौर। और, आखिरकार मोबाइल की दुनिया की सबसे चकाचौंध सेवाएं देनेवाले 3 जी स्पेक्ट्रम की नीलामी बुधवार को पूरी हो गई। अगर सरकारी कंपनियों एमटीएनएल और बीएसएनएल द्वारा दी जाने वाली रकम को मिला दिया जाए तो केंद्र सरकार को 3 जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से कुल 67,718.95 करोड़ रुपए मिलेंगे। बजट में 3 जी स्पेक्ट्रम और ब्रॉडबैंड वायरलेस एक्सेस (बीडब्ल्यूए) से कुल 35,000 करोड़ रुपए हासिल करने का लक्ष्यऔरऔर भी

अमेरिका में कंपनियों के नतीजे आने का दौर बीत गया और एस एंड पी इंडेक्स में शामिल कंपनियों की आय 17 फीसदी बढ़ी है, जबकि उम्मीद 14 फीसदी की ही थी। वहां बेरोजगारी की दर घटना शुरू हो गई है और हाउसिंग क्षेत्र में मांग बढ़ रही है। इस तरह अमेरिकी अर्थव्यवस्था उठान पर है और ग्रीस का संकट अमेरिका को आगे बढ़ने में मददगार होगा। भारतीय कंपनियों की भी आय अभी तक उम्मीद से बेहतर रहीऔरऔर भी

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के जीवन अक्षय-VI प्लान  को केंद्र सरकार ने आयकर कानून की धारा 80-सी तहत कर छूट देने का फैसला किया है। यह छूट उसे 80 सी की उपधारा-2 के अनुच्छेद (xii) के तहत एन्यूटी प्लान मानकर दी जा रही है। जिन भी लोगों ने इस प्लान में वित्त वर्ष 2007-08 या उसके बाद निवेश किया है, वे इसमें दिए गए प्रीमियम पर कर छूट ले सकते हैं। लेकिन यह छूट 80 सीऔरऔर भी

ऋण संकट से जूझ रहा ग्रीस साल 2013 इससे निजात पा लेगा और उनकी राजकोषीय व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी। वह यूरोप की अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से पहले ऐसा करने में कामयाब होगा। दूसरी तरफ जापान में 2084 तक और इटली में 2060 तक सरकारी ऋण बड़ी समस्या बना रहेगा। यह निष्कर्ष है स्विटजरलैंड के मशहूर बिजनेस स्कूल आईएमडी की तरफ से आज, बुधवार को जारी की गई अध्ययन रिपोर्ट का। रिपोर्ट का आकलन है कि अमेरिका 2033औरऔर भी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने छह और कंपनियों को अपने फ्यूचर्स व ऑप्शंस (एफ एंड ओ) सेगमेंट में ट्रेडिंग के लिए शामिल कर लिया है। ये कंपनियां हैं एक्साइड, गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, जिंदल साउथवेस्ट होल्डिंग्स, रुचि सोया, शोभा डेवलपर्स और हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज। अभी तक एनएसई के एफ एंड ओ सेगमेंट में 190 कंपनियों के डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग होती रही है। अब इनकी संख्या बढ़कर 196 हो जाएगी। एनएसई ने अभी तक यह नहीं बताया कि छहऔरऔर भी

देश में आवश्यक दवाओं के मूल्य पर नियंत्रण रखनेवाली संस्था एनपीपीए (नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी) ने दवा कंपनियों से 65 अवयवों के दाम का विवरण मांगा है। इन अवयवों में चीनी, स्टार्च, लैक्टोज व कोटिंग्स शामिल हैं। इनके दाम के प्रभाव का पिछला आकलन 2007 में किया गया। नए दामों के हिसाब से मूल्य का निर्धारण सितंबर 2010 तक पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है। एनपीपीए उन दवाओं के मूल्य पर नियंत्रण रखता है जिनको बनानेऔरऔर भी

कहते हैं न कि घूरे का दिन भी एक दिन फिरता है। तो, ऐसे ही दुनिया में हर चीज का कोई न कोई दिन होता है। करोड़पति बनने का दिन भी बना दिया गया है। 20 मई को दुनिया में कई जगहों पर ‘बी ए मिलिनेयर डे’ के रूप में मनाया जाता है। असल में इस तरह के सारे दिन मार्केटिंग के तरीके का हिस्सा है। हर कोई करोड़पति बनना चाहता है तो कैसिनो व लॉटरी वालोऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने रवा, मैदा और आटा जैसे गेहूं उत्पादों के निर्यात की मंजूरी को एक और साल के लिए 31 मार्च 2011 तक के लिए बढ़ा दिया है। असल में विदेश में रह रहे भारतीयों में इनकी बहुत मांग रहती है और उन्हें ये चीजें विदेशी उत्पादकों की तरफ से नहीं मिलती हैं। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने जारी की गई एक अधिसूचना में कहा कि गेहूं उत्पादों का निर्यात की अनुमति 6.50 लाख टन तकऔरऔर भी