जो चला गया, उसका गम क्या? वह चाहे हादसा था या प्रकृति का चक्र, हम उसे रोकने की बात तो दूर, छू तक नहीं सकते। इसलिए जिसका जितना साथ है, हंस बोल कर ही बिताना चाहिए ताकि कोई मलाल न रहे।और भीऔर भी

अपने यहां लोकतंत्र की लंबी परंपरा है। यह भले ही आज खाप पंचायतों के मौजूदा स्वरूप तक आकर विकृत हो गई हो। लेकिन हम अतीत में लोगों की सच्ची भागीदारी को साथ लेकर चलते रहे हैं। ऋग्वेद काल में भी ऐसा था और बुद्ध के जमाने में भी। हमारे यहां समान हित वाले लोगों के समूह आपस में बातचीत, सलाह और मतदान के जरिए अपने मामलों में निर्णय लेते थे। बुद्ध के समय में शासन से जुड़ेऔरऔर भी

हाथ पकड़कर खींचने से कोई नहीं जुड़ता। वो तो अंदर की एक ध्वनि होती है जिसे सुनते ही लोग दौड़े चले आते हैं। हाथी एक खास आवाज धीरे से निकालता है और दस किलोमीटर दूर तक के हाथी खिंचे चले आते हैं।और भीऔर भी

अमेरिका की प्रमुख दवा कंपनी एबॉट ने भारत की दवा कंपनी पिरामल हेल्थकेयर को 372 करोड़ डॉलर (17,465 करोड़ रुपए) में खरीदने का ऐलान कर दिया है। इस अधिग्रहण से एबॉट भारत की सबसे बड़ी दवा कंपनी बन गई है। अधिग्रहण करार के तहत एबॉट पिरामल हेल्थकेयर को 212 करोड़ डॉलर एकमुश्त देगी और बाकी 160 करोड़ डॉलर 40-40 करोड़ डॉलर की चार सालाना किश्तों में दिए जाएंगे। एबॉट का कहना है कि इस सौदे से उसेऔरऔर भी

अगर देश के आयकर विभाग को ठीक तरह से काम करना है तो उसे तत्काल 30,000 नए कर्मचारियों को भर्ती करने की जरूरत है। यह कहना है वित्त मंत्रालय के एक उच्च अधिकारी का। इस अधिकारी ने एक समाचार एजेंसी के बातचीत के दौरान कहा कि करदाताओं को दी जानेवाली सेवाओं और कर संग्रह के काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए 22,000 नए कर्मचारी चाहिए, जबकि 8000 जगहें पहले से खाली पड़ी हैं। बता देंऔरऔर भी

दुनिया में पहला एटीएम (ऑटोमेटेड टेलर मशीन) 1967 में बारक्लेज बैंक की उत्तरी लंदन शाखा के बाहर लगाया था। इसकी खोज भारत में जन्मे और स्कॉटलैंड के नागरिक जॉन शेफर्ड बैरन ने की थी। वे एक प्रिंटिंग फर्म चलाते थे। 1965 में उनके दिमाग में एटीएम बनाने की बात तब आई, जब उन्हें एक दिन बैंक बंद होने के कारण खाली हाथ बैरंग वापस आना पड़ा था। उस दिन बाथरूम में बैठे-बैठे उन्होंने सोचा कि जब डिस्पेंसरऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की चार कंपनियों – एनटीपीसी, स्टील अथॉरिटी (सेल), इंडियन ऑयल और ओएनजीसी को महारत्न का ओहदा दे दिया है। महारत्न का दर्जा सरकार की उन लिस्टेड कंपनियों को दिया जाता है जिनका औसत सालाना टर्नओवर पिछले तीन सालों के दौरान 25,000 करोड़, शुद्ध लाभ 5000 करोड़ और नेटवर्थ (इक्विटी + फ्री रिजर्व) 25,000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो। बता दें कि केंद्र सरकार मार्च 2011 से पहले सावर्जनिक क्षेत्र की कई कंपनियोंऔरऔर भी

कुछ भी स्थाई नहीं। न दुख, न सुख। पौधे पर एक पत्ती इधर तो एक पत्ती उधर। छोटा से छोटा कण भी अपनी धुरी पर अनवरत घूम रहा है। इसलिए अभी कृष्ण पक्ष है तो शुक्ल पक्ष अगला है। यह लीला नहीं, नियम है।और भीऔर भी

नवनीत पब्लिकेशंस का उस नवनीत पत्रिका से कोई वास्ता नहीं है जिसके संपादक विश्वनाथ सचदेवा हैं। यह कंपनी तो स्कूली बच्चों की किताबों के प्रकाशन और स्टेशनरी का व्यवसाय करती है। और, क्या खूब करती है। नवनीत पब्लिकेशंस ने मार्च 2010 में खत्म हुए वित्त वर्ष 2009-10 में 523.31 करोड़ रुपए की बिक्री पर 68.47 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है। केवल मार्च 2010 की तिमाही की बात करें तो उसकी बिक्री 100.61 करोड़ व शुद्धऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी कंपनियों के अधिग्रहण के लिए ओपन ऑफर की सीमा को न्यूनतम 20 फीसदी के मौजूदा स्तर से बढ़ाकर 25 फीसदी कर सकती है। वह यह फैसला पिछले साल बनाई गई टेकओवर रेगुलेशंस एडवाइजरी कमिटी (टीआरएसी) की सिफारिशों के आधार पर करेगी। साथ ही यह भी संभव है कि ओपन ऑफर लाने की ट्रिगर लिमिट 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी कर दी जाए। सूत्रों के मुताबिक सेबी जल्दी ही अपने टेकओवर कोडऔरऔर भी