जेएसडब्ल्यू स्टील दिल्ली की कंपनी राठी बार्स का अधिग्रहण कर सकती है। बाजार सूत्रों की मानें तो इस डील की घोषणा अगले एक महीने में संभव है। जेएसडब्ल्यू राठी बार्स के लिए प्रति शेयर 35 रुपए का मूल्य देने को तैयार हो गई है क्योंकि इसकी बुक वैल्यू इस समय 37.10 रुपए है। राठी बार्स का शेयर सोमवार को बीएसई में 17.20 रुपए पर बंद हुआ है। लेकिन अधिग्रहण की चर्चाओं के बीच वह 19.30 रुपए तकऔरऔर भी

विपक्ष ने गदर काट रखा है कि 2008 में 2 जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में भारी घोटाले के कारण ही सरकार को केवल 10,000 करोड रुपए मिल पाए थे। लेकिन दूरसंचार नियामक संस्था, टीआरएआई सुधार में जुट गई है। उसने कहा है कि 2 जी स्पेक्ट्रम के लाइसेंस के नवीकरण का आधार 3 जी के लिए मिले मूल्य (67,719 करोड़) को बनाया जाए और नवीकरण तक हर साल 3 फीसदी की दर से चक्रवृद्धि ब्याज लगाया जाए।औरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वादा किया है कि अगर 2 जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार साबित हुआ तो संबंधित शख्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ने यह वादा तब किया जब उनसे पूछा गया कि वे दूरसंचार मंत्री ए राजा के खिलाफ 2008 में लाइसेंसों की बिक्री में भ्रष्टाचार के आरोपों पर क्या करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री सोमवार को नई यूपीए सरकार के एक साल पूरा करने पर आयोजित संवाददाताऔरऔर भी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एमसीएक्स) पर सोमवार, 24 मई से जस्ता के लघु मिनी कांट्रैक्ट या लघु अनुबंध में वायदा कारोबार शुरू हो गया। एमसीएक्स ने इसके लिए जून व जुलाई के अनुबंध उपलब्ध कराए हैं और आगे समय के अनुसार दूसरे अनुबंध भी लाए जाएंगे। जस्ता के लघु अनुबंध की खासियत यह है कि इसकी लॉट साइज 1 टन की है जबकि एक्सचेंज पर चालू जस्ता के सामान्य अनुबंध का लॉट साइज 5 टनऔरऔर भी

जगन्नाधम तुनगुंटला हाल में 3 जी या तीसरी पीढ़ी के स्पेक्ट्रम की नीलामी इतनी कामयाब रही कि सरकार को इससे करीब 67,700 करोड़ रुपए मिल सकते हैं, जबकि बजट अनुमान करीब 35,000 रुपए का ही था। यह तकरीबन दोगुनी रकम है। इसके अलावा सरकार को 2 जी स्पेक्ट्रम से वन-टाइम फीस के रूप में 14,500 करोड़ रुपए मिल सकते हैं हालांकि इस पर अभी विवाद चल रहा है जिसका कोई समाधान नहीं निकला है। इस तरह केवलऔरऔर भी

जीवन की राहों पर अनिश्चितता है, अराजकता नहीं। शिक्षा व संस्कार हमें इन राहों पर चलने का ड्राइविंग लाइसेंस दिलाते हैं। हमारा आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। बाकी, अनिश्चितता का थ्रिल हमारा उत्साह बरकरार रखता है।और भीऔर भी

पेट्रोनेट एलएनजी देश की बहुत खास कंपनी है। इसकी प्रवर्तक चार सरकारी कंपनियां हैं। गैल इंडिया, ओएनजीसी, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम। इन सभी की 12.5-12.5 फीसदी हिस्सेदारी मिलाकर कंपनी में प्रवर्तकों की कुल हिस्सेदारी 50 फीसदी हो जाती है। विदेशी संस्थागत निवेशक जीडीएफ इंटरनेशनल की इसमें 10 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी है तो एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की 5.20 फीसदी। कंपनी में एफआईआई की कुल हिस्सेदारी 10.11 फीसदी है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2009-10 में 10649 करोड़औरऔर भी

हाल ही में डेरिवेटिव सौदों में फ्रॉड करने के आरोप में अमेरिकी पूंजी बाजार नियामक संस्था, एसईसी की जांच के दायरे में आए निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स का नाम तो आपने सुना ही होगा। लेकिन शायद आपको नहीं पता कि दुनिया के चार सबसे तेजी से बढ़ते देशों – ब्राजील, रूस, भारत (इंडिया) और चीन को एक साथ मिलाकर ‘ब्रिक’ का नाम गोल्डमैन सैक्स ने ही 2001 में ईजाद किया था। साल 2000 से 2008 के दौरानऔरऔर भी

विदेशी मुद्रा के असली सौदागर हैं हमारे बैंक और इनके प्रमुख ग्राहक हैं हमारे आयातक-निर्यातक। आयातकों व निर्यातकों को चिंता रहती है कि उनका विदेशी मुद्रा खर्च या आमदनी कहीं विनिमय दरों के उतार-चढ़ाव के चलते भारतीय मुद्रा में घट-बढ़ न जाए। इसलिए वे बैंकों के पास ऐसे डेरिवेटिव सौदों के लिए जाते हैं ताकि इससे बचा जा सके। ऐसे ज्यादातर सौदे ओटीसी (ओवर द काउंटर) बाजार यानी दो पार्टियों ग्राहक व विक्रेता के बीच आपस मेंऔरऔर भी

रिलायंस समूह अब भी शेयर बाजार का बेताज बादशाह बना हुआ है। इसलिए मुकेश और अनिल अंबानी के बीच सुलझ हो जाने के बाद पूरी उम्मीद है कि सोमवार को बाजार में तेजी का आलम रहेगा। इस बीच आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज जैसी देश की प्रमुख ब्रोकरेज व निवेश बैंकिंग कंपनी ने भी अनुमान जताया है कि इस साल बीएसई सेंसेक्स 19,000 अंक के ऊपर जा सकता है। कंपनी की सीईओ व प्रबंध निदेशक माधबी पुरी बुच का कहनाऔरऔर भी