दिया ब्रोकरेज, टैक्स सरकार को, अपने लिए?

प्रमुख ब्रोकरेज़ फर्म ज़िरोधा के संस्थापक नितिन कामथ ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि उनके ग्राहक सरकार को सिक्यूरिटीज़ ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) और स्टैम्प ड्यूटी के रूप में कुल जितना टैक्स देते हैं, वह देश की 25वीं सबसे बड़ी कंपनी द्वारा दिए जा रहे कॉरपोरेट या इनकम टैक्स से भी ज्यादा है। यह भी खबर है कि इस साल जून तिमाही में सरकार को मिला एसटीटी साल भर पहले की तुलना में दोगुने से अधिक है। सवाल उठता है कि ब्रोकर को ब्रोकरेज और सरकार को टैक्स देने के बाद शेयर बाज़ार के ट्रेडर को खुद प्रतिमाह कम से कम कितना कमाना चाहिए? अब गुरुवार की दशा-दिशा…

यह कॉलम सब्सक्राइब करनेवाले पाठकों के लिए है.
'ट्रेडिंग-बुद्ध' अर्थकाम की प्रीमियम-सेवा का हिस्सा है। इसमें शेयर बाज़ार/निफ्टी की दशा-दिशा के साथ हर कारोबारी दिन ट्रेडिंग के लिए तीन शेयर अभ्यास और एक शेयर पूरी गणना के साथ पेश किया जाता है। यह टिप्स नहीं, बल्कि स्टॉक के चयन में मदद करने की सेवा है। इसमें इंट्रा-डे नहीं, बल्कि स्विंग ट्रेड (3-5 दिन), मोमेंटम ट्रेड (10-15 दिन) या पोजिशन ट्रेड (2-3 माह) के जरिए 5-10 फीसदी कमाने की सलाह होती है। साथ में रविवार को बाज़ार के बंद रहने पर 'तथास्तु' के अंतर्गत हम अलग से किसी एक कंपनी में लंबे समय (एक साल से 5 साल) के निवेश की विस्तृत सलाह देते हैं। इस कॉलम को पूरा पढ़ने के लिए आपको यह सेवा सब्सक्राइब करनी होगी। सब्सक्राइब करने से पहले शर्तें और प्लान व भुगतान के तरीके पढ़ लें। या, सीधे यहां जाइए।
अगर आप मौजूदा सब्सक्राइबर हैं तो यहां लॉगिन करें...

Existing Users Log In
   
New User Registration
* Please indicate that you agree to the Terms of Service
captcha
*Required field