आईएमएफ ने 14 अप्रैल 2025 को जारी वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में कहा था कि वर्ष 2025 या हमारे संदर्भ में वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का जीडीपी 4.187 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है जो जापान के अनुमानित जीडीपी 4.186 ट्रिलियन डॉलर से थोड़ा ज्यादा होगा। इस तरह भारत तब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। तब हमारे सरकारी तंत्र ने जबरदस्त हल्ला मचाया था। लेकिन इस बार 14 अप्रैल 2026 को आईएमएफ ने ताज़ा वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में घोषित किया कि भारत अब दुनिया में अर्थव्यवस्था के आकार में छठे नंबर पर आ गया है तो सरकार ने अब तक सन्नाटा खींच रखा है। मंत्री-संत्री सबको सांप सूंघ गया है। बता दें कि आईएमएफ के लगाए गए हिसाब से भारत आज तक कभी दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था नहीं रहा। वो 2022-23 में ब्रिटेन को पीछे छोड़कर पांचवीं अर्थव्यवस्था बना था। तब से दो साल वही अटका रहा। 2025-26 में सरकारी अनुमान को ही सही मानें तो हमारा ₹345.47 लाख करोड़ का नॉमिनल जीडीपी वैश्विक पैमाने पर 3.72 ट्रिलियन डॉलर निकलता है। न जाने किस हिसाब से आईएमएफ ने इसे बढ़ाकर 3.92 ट्रिलियन रखा है। फिर भी भारत दुनिया में ब्रिटेन से नीचे छठे नंबर पर खिसक चुका है। अगले साल भी वो 4.15 ट्रिलियन के साथ छठा ही रहेगा। अब मंगलवार की दृष्टि…
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