चालू वित्त वर्ष के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि 8.6 फीसदी रहने के अनुमान से उत्साहित मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने कहा है कि अगले वित्त वर्ष में नौ फीसदी आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य संभव लगता है।
बसु ने सोमवार को दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हालांकि पूरी दुनिया का आर्थिक परिदृश्य ठीक-ठाक लग रहा है, लेकिन अब भी अनिश्चितता के बादल दिखते हैं। इसलिए अगले वित्त वर्ष के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि की उम्मीद व्यावहारिक दिखती है।’’ ऊंची मुद्रास्फीति से आर्थिक विकास के प्रभावित होने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘मुझे वास्तव में नहीं लगता कि मुद्रास्फीति के कारण आर्थिक वृद्धि की प्रक्रिया प्रभावित होगी।’’ उन्होंने कहा कि इससे उलट आर्थिक वृद्धि के बेहतर आंकड़ों से मुद्रास्फीति कमजोर होगी।
बसु ने कहा, ‘‘हम मुद्रास्फीति को लेकर चिंतिंत हैं लेकिन मुझे वास्तव में लगता है कि आज हमें जो आंकड़े दिए गए है, उससे मुद्रास्फीति में गिरावट आएगी। इसलिए मुझे नहीं लगता कि मुद्रास्फीति आर्थिक वृद्धि को प्रभावित करेगी।’’ बसु ने कहा कि अगली दो तिमाही के दौरान वृद्धि दर उत्साहित करने वाली हो सकती है। लेकिन हमें औद्योगिक विकास के आंकड़ों की प्रतीक्षा है क्योंकि इसमें काफी उतार-चढाव चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि 8.9 फीसदी रही है। फिर भी देश को विशेष रूप से खाद्य मुद्रास्फीति की ऊंची दर का सामना करना पड़ रहा है। 22 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान खाद्य मुद्रास्फीति की दर 17.05 फीसदी पर थी।
