हमारा शेयर बाजार जिस तरह बढ़ते-बढ़ते गिरने लगा है और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक खरीदते-खरीदते बेचने लगे हैं, उसमें ऐसी कोई उम्मीद नहीं बनती कि निफ्टी-50 जल्दी ही नया शिखर बनाने जा रहा है? वैसे भी जब तक रिटेल ट्रेडरों का भरोसा बाज़ार में नहीं बनता और निवेशक मौका पाते ही मुनाफा निकालने लगते हैं, तब तक बाज़ार में कोई भी तेज़ी लम्बी नहीं खिंच सकती। लेकिन बाज़ार में एक सिद्धांत और चलता है कि जब रिटेल ट्रेडर व निवेशक सारी आस छोड़ देते हैं, तब तेज़ी का नया दौर सुगबुगाने लगता है। इधर अच्छा समाचार और ताजा आंकड़ा आया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस साल जून 2022 की तिमाही में 13.5% बढ़ी है। हालांकि साल भर पहले की समान तिमाही में हमारा जीडीपी इससे ज्यादा 20.1% बढ़ा था। अब शुक्रवार का अभ्यास…
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