ठगों का गिरोह अंततः भोले-भाले लोगों को झूठ पिलाने में सफल हो गया। गोएबल्स के हज़ारों बार बोले गए झूठ को अंततः सभी ने सच मान लिया। अब तो आम लोग ही नहीं, बड़े-बड़े विद्वान और मोदी सरकार के राजनीतिक विरोधी भी मान बैठे हैं कि भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्दी ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। इसलिए लोककभा में जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे कहते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था 4.5 ट्रिलियन डॉलर की हो चुकी है तो विपक्ष से लेकर जागरूक मीडिया तक कोई सवाल नहीं उठाता। यह अलग बात है कि मोदी सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके अरविंद सुब्रमण्यन ने दो अन्य अर्थशास्त्रियों अभिषेक आनंद और जोश फेलमान के साथ मिलकर बाकायदा विस्तृत लेख लिखा है जिसमें स्थापित किया गया है कि भारत के आर्थिक विकास की सालाना दर साल 2005 से 2011 तक 1% से 1.5% कम आंकी गई है, जबकि साल 2012 से 2023 तक इसे सालाना 1.5% से 2% बढ़ाकर पेश किया गया है। अगर इस आकलन के हिसाब से देश के जीडीपी की सालाना विकास को एडजस्ट या समायोजित कर दिया जाए तो पिछले दो दशकों की अलग सच्चाई सामने आती है। वो यह कि देश ने वैश्विक वितीय संकट में भी बेहतर काम किया, जबकि मोदीकाल में काम कम, हवाबाज़ी ज्यादा हुई है। अब सोमवार का व्योम…
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