भाव बताते सारा राज़ नाड़ी की तरह
भावों में छिपा है कंपनी का सारा हाल, उसी तरह जैसे नाड़ी खोल देती है शरीर का सारा राज़। लेकिन कुशल वैद्य ही नाड़ी की धड़कन पढ़ सकता है तो भावों का चार्ट पढ़ने के लिए भी चाहिए विशेष दृष्टि। सबसे खास है यह पकड़ना कि किसी वक्त बड़े निवेशकों/संस्थाओं की तरफ से आनेवाली मांग और सप्लाई का ठीक-ठीक संतुलन क्या है? यह पकड़ लिया तो समझिए, हाथ लग गई बाज़ार की नब्ज। अब गुरुवार की दृष्टि…औरऔर भी
