शेयरों में चलती है जमकर जोड़-तोड़

जब कोई घटना घट जाती है तो उसकी अनंत व्याख्याएं की जा सकती हैं। अपने-अपने हिसाब से तथ्य चुनो और बताते जाओ कि ऐसा इसलिए और वैसा उसलिए हुआ। लेकिन शेयरों के रोजमर्रा के भावों में धांधली जमकर होती है। इसे कोई भी नकार नहीं सकता। सूचकांकों पर नज़र रखिए। आप पाएंगे कि अक्सर ढाई बजे के बाद खटाक से बाज़ार की दिशा पलट दी जाती है। कल भी ऐसा ही हुआ। आखिर क्या थी इसकी वजह…

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