इधर पिछले कई महीनों से मिड कैप और स्माल कैप कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग बढ़ती गई है। इसके बावजूद अब भी बाजार के कुल पूंजीकरण का करीब 70 फीसदी हिस्सा लार्ज कैप कंपनियों से आता है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में ऐसी लार्ज कैप कंपनियों की सख्या महज 77 है। दूसरी तरफ मिड कैप कंपनियों में होनेवाला कारोबार बाजार के कुल पूंजीकरण का 20 फीसदी है और ऐसी कंपनियों की संख्या 209 है। लेकिन स्मॉल कैप कंपनियोंऔरऔर भी

बाजार की गति बतानेवाला बीएसई सेंसेक्स आज 17,935 अंक पर बंद हुआ। यह अब 18,000 के स्तर से कुछ ही फासले पर है। आनेवाले हफ्तों में यह 18,300 अंक के पार जा सकता है। टाटा स्टील 680 रुपए पर जा पहुंचा तो स्टरलाइट 865, सैंडुर 760, विंडसर 47, विमप्लास्ट 184, शिवालिक 33, बालासोर 28, आरडीबी 118, एसएनएल 42, जमना ऑटो 89 और एनआरबी 78 रुपए तक चला गया। बढ़त का दौर ऐसे ही चला। फिर भी बहुतऔरऔर भी

वित्त वर्ष 2009-10 गुजर गया। लेकिन यह साल जाते-जाते शेयर बाजार के निवेशकों की पूंजी दोगुनी करके गया है। अगर लिस्टेड कंपनियों के शेयर भावों को आधार बनाएं तो बाजार का पूंजीकरण अब 60 लाख करोड़ रुपए का स्तर पार गया है जो पिछले साल के स्तर से लगभग दोगुना है। हालांकि ये सारा सांकेतिक मामला है। लेकिन मानने में क्या हर्ज है कि भारतीय निवेशक पहले से दोगुने अमीर हो गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) मेंऔरऔर भी

मैं यह पढ़कर सचमुच दंग रह गया कि दुनिया के सबसे अच्छे जानकार कह रहे हैं कि हाथी (भारत) नाच रहा है। विश्व की एक अन्य प्रमुख संस्था ने आज कहा कि जापान के अलावा बाकी एशिया के शेयर बाजार कई सालों के तेजी के दौर में प्रवेश कर रहे हैं। इस बारे में मैं अपने विचार तब ही व्यक्त कर चुका हूं, जब कोई भी शेयरों पर दांव लगाने को तैयार नहीं था। बाजार पर नजरऔरऔर भी

एनएमडीसी का एफपीओ (फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर) बुधवार, 10 मार्च को खुलेगा और शुक्रवार 12 मार्च को बंद होगा। सरकार को उम्मीद है कि अगर एफपीओ 300-350 रुपए के मूल्य दायरे में ऊपर के भाव पर आया तो इस वित्त वर्ष में विनिवेश से धन जुटाने का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। विनिवेश सचिव सुमित घोष ने एक समाचार एजेंसी को यह जानकारी दी। सरकार को देश की इस सबसे बड़ी आइरन ओर निर्माता कंपनी के एफपीओ से 11,600औरऔर भी

मैंने कल ही एनएमडीसी के बारे में लिखा था और इसके शेयर के भाव में 5 फीसदी से ज्यादा का करेक्शन आ गया। मतलब, इसमें इसमें इतनी गिरावट आ गई। इसीलिए सेसा गोवा का ताप भी ठंडा पड़ रहा है। बहुत से कारोबारी गलत दांव में फंस गए हैं और इसलिए आनेवाले दिनों में सेसा गोवा में काफी ज्यादा गिरावट आ सकती है। वैसे इस स्टॉक का दायरा बढ़ चुका है। आज ही कुछ एजेंसियों व चैनलों ने इसमें खरीद की सलाह दी है।औरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने जस्टिस डीपी वाधवा समिति की रिपोर्ट पर अमल के लिए एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त कर दिया है। रिटायर्ड मुख्य आयकर आयुक्त और सेबी के पूर्व कार्यकारी निदेशक विजय रंजन को यह जिम्मा सौंपा गया है। यह मामला साल 2003 से 2005 के बीच आए 21 आईपीओ (प्रारंभिक सार्वजनिक ऑफर) का है, जिसमें हजारों बेनामी डीमैट खाते खुलवाकर रिटेल निवेशकों के हिस्से के शेयर हासिल कर लिए गए थेऔरऔर भी