लीला है, जीवन है
शरीर है। क्रिया-प्रतिक्रिया की लीला ही जीवन है, उसकी चमक है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अंदर चमक देनेवाली कोई वस्तु अलग से बैठी है। सूरज जो इस सृष्टि के जीवन का आधार है, उसमें रौशनी फेंकने वाली कोई आत्मा नहीं विराजती।और भीऔर भी
बिदकना नहीं, सोचना
किसी ने कुछ कह दिया। हम बिदक गए। यूं ही प्रतिक्रिया में जीते-जीते सारी जिंदगी कट जाती है। कभी ठहरकर यह तो सोचो कि तुम्हें खुद क्या पाना है, तुम्हारी मंज़िल क्या है? फिर ये सारा फालतू उछलना-कूदना थम जाएगा।और भीऔर भी
कुछ कहती है बी ग्रुप की सक्रियता
लड़ाई आधी जीत ली गई है क्योंकि तेजड़िए निफ्टी को 4787.25 तक ले जाकर 4779 अंक पर बंद करने में कामयाब रहे। यह शुक्रवार के उस 4777 अंक से थोड़ा ऊपर है जहां से बाजार ने रुख पलटा था। प्रतिरोध का अगला स्तर 4850 का है। अगर तेजड़िए बाजार को 4850 से ऊपर ले जाने में कामयाब रहे तो तय मानिए कि निफ्टी 5000 के आसपास या 5080 तक भी जा सकता है। लेकिन तेजी का यहऔरऔर भी
प्रतिक्रिया नहीं, क्रिया
हिसाब लगाएं तो पता चलेगा कि हम तीन चौथाई से ज्यादा जीवन प्रतिक्रिया में जीते हैं। लेकिन प्रतिक्रिया नहीं, क्रिया-प्रधान जीवन होना चाहिए हमारा। दूसरे नहीं, हम ही तय करें कि हमें क्या करना है।और भीऔर भी
मैं नहीं, तू ही सही
जो हुआ, जैसे हुआ, उसे वैसा ही होना था। पछताना क्या? हमारे साथ नहीं होता तो किसी और के साथ होता। बस, नाम बदल जाता। घात-प्रतिघात से ही जीवन बनता है और हमारे कर्मों से संवरता है।और भीऔर भी
लहराता सागर
अक्सर जिन्हें हम जानते हैं, उन्हें ही पूरी दुनिया समझ बैठते हैं। उनकी नकारात्मक प्रतिक्रिया से टूट जाते हैं। नहीं जानते कि जो लहर हमारे अंदर उठी है उसका स्रोत तो हमारे दायरे के बाहर का सागर है।और भीऔर भी




