न जीवन और न ही बाज़ार में हमेशा मनचाहा होता है। सभी चाहते हैं कि अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़े। लेकिन लगातार सात तिमाहियों से उसकी विकास दर घटती जा रही है। उम्मीद थी कि रिजर्व बैंक विकास को बढ़ाने के लिए ब्याज घटा देगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हर कोई चाहता है कि जिन शेयरों में उसने धन लगाया है, वे बराबर बढ़ते रहें। लेकिन ऐसा नहीं होता। निवेश की इस हकीकत के बीच एक और कंपनी…औरऔर भी

शेयर बाज़ार के शीर्ष सूचकांक निफ्टी व सेंसेक्स दोनों जब नए ऐतिहासिक शिखर पर हों, तब इनमें शामिल किसी ब्लूचिप कंपनी के शेयर का साल भर में 14% से ज्यादा गिर जाना गले नहीं उतरता। वह भी तब, जब वह निफ्टी-50 में अकेले 4.5% वजन रखती है और उसी की समकक्ष बहुराष्ट्रीय कंपनी का शेयर साल भर में 15% से ज्यादा बढ़ चुका है। आज तथास्तु में वही ब्लूचिप कंपनी जो निफ्टी-50 से लगभग 28% सस्ती है…औरऔर भी

जब भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर घनघोर निराशा की ही खबरें आ रही हों, तब दुनिया के सबसे अमीर शख्स बिल गेट्स ने कहा है कि अगर सरकार स्वास्थ्य व शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए ‘उत्साही तरीके’ से निवेश करे तो भारत अगले एक दशक में बहुत तेज़ी से आर्थिक विकास कर सकता है। अन्य जानकार भी यही मानते हैं कि बिना मानव पूंजी के देश आगे नहीं बढ़ सकता। फिलहाल तथास्तु में लीक से हटकर एक कंपनी…औरऔर भी

शेयर बाज़ार बड़ा ही दगाबाज़ है। पूरा सोच-समझकर रिसर्च के बाद आपने निवेश के लिए अच्छी कंपनियां चुनीं। लेकिन बाज़ार जब उनके शेयरों को दबा डालता है, तब आपको सारी समझ व सावधानी पर संदेह होने लगता है। आपको लगता है कि आपने भारी गलती कर दी। लेकिन जब बाजार आपके विश्वास को यूं तोड़ रहा हो, अक्सर वही वक्त पूरे विश्वास के साथ खड़े हो जाने का होता है। अब तथास्तु में आज की दमदार कंपनी…औरऔर भी

हर तरफ वित्तीय असुरक्षा छाई हो, काम-धंधा छूटने का डर हो और कमाई ज़रूरतों को पूरा नहीं कर पा रही हो, तब शेयर बाज़ार से नोट कमाने का लालच किसी को भी बांध सकता है। लोगों की इसी असुरक्षा और लालच का शिकार करने के लिए हज़ारों फ्रॉड बाज़ार में उतरे हुए हैं। टिप्स बांटने का धंधा बंद हुआ तो ‘विद्या’ सिखाने के इंस्टीट्यूट कुकुरमुत्तों की तरह उग आए। इनसे सावधान रहें। तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी

शेयर बाज़ार का अभी जो हाल है, उसमें बड़ी कंपनियां खूब रिटर्न दे रही हैं, जबकि छोटी कंपनियां पिटती ही जा रही हैं। आप जानकर चौंक जाएंगे कि जनवरी 2018 के बाद से अब तक टीसीएस का शेयर 56%, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ 53%, हिंदुस्तान यूनिलीवर 59%, कोटक बैंक 61%, एशियन पेंट्स 91% व बजाज फाइनेंस 134% बढ़ चुका है। ऐसा यूं चूंकि सभी लोग बड़ों के ही पीछे भागे जा रहे हैं। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी

दीपावली का चक्र है। ऋतुओं का चक्र है। दीपावली को हम भले ही धन की देवी लक्ष्मी से जोड़ दें, लेकिन इसका असली वास्ता खेती के चक्र से रहा है। वहीं, धन का कोई चक्र नहीं होता। जहां से शुरू करो, वहीं से उसका चक्र बन जाता है। दीपावली का बहाना अच्छा है। कमाने का ख्याल अच्छा है। लेकिन सतर्क बुद्धि और सही दांव से कभी भी कमाया जा सकता है। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी

ठगी के धंधे में कोई कांच को हीरा और कलई चढ़े आभूषण को खरा सोना बनाकर बेच सकता है। लेकिन असली धंधे में वही टिकता है जिसमें अंदर का दम होता है और जो ग्राहकों के बीच अपनी साख से कभी समझौता नहीं करता। हमें लंबे समय के निवेश के लिए ऐसी ही कंपनियां चुननी चाहिए। विश्वास रखें कि मिट्टी में पड़ा हीरा अंततः अपनी कीमत हासिल कर ही लेता है। तथास्तु में आज ऐसी ही कंपनी…औरऔर भी

भारत का पता नहीं, लेकिन दुनिया के आधे निवेशक चिंतित हैं कि मंदी आने ही वाली है और शेयर बाज़ार कभी भी क्रैश हो सकते हैं। विश्व की जानी-मानी बीमा कंपनी एलियांज़ लाइफ के ताज़ा सर्वेक्षण से यह बात सामने आई है। चालू साल की पहली तिमाही में निराशा से घिरे ऐसे निवेशक 46% और दूसरी तिमाही में 48% थे, जो तीसरी तिमाही में 50% हो गए। तथास्तु में आज ऐसी कंपनी जिसे मंदी मार नहीं सकती…औरऔर भी

एक सरकार ही है जो मानने को तैयार नहीं। वरना आम से लेकर खास तक, हर कोई मान चुका है कि हमारी अर्थव्यवस्था की हालत खराब है। रिजर्व बैंक तक ने चालू वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी की विकास दर का अनुमान अप्रैल के 7.2% से घटाकर अब 6.1% कर दिया है। ऐसे माहौल में शेयर बाज़ार पर सरकार की कोई जुगत काम नहीं कर रही। आखिर ऐसे में निवेश का नया तरीका क्या हो सकता है?औरऔर भी