धनवालों को घाटा कतई नहीं सुहाता
दौलत वाले हमेशा अपने फायदे की सोचते हैं। वे घाटे से दूर भागते हैं। इसलिए समीकरण लाख बताएं कि शेयर का भाव यहां से ऊपर जानेवाला है। लेकिन महीनों के इंतज़ार के बाद खरीदी के पुराने स्तर पर आते ही वे अपने शेयरों को बेचकर निकल जाते हैं। ज्यादा घाटे से उन्हें नो-प्रॉफिट, नो-लॉस पर निकल लेना ही बेहतर लगता है। यही मानसिकता हमें चार्ट पर रेजिस्टेंस के रूप में नज़र आती है। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी
