सरकार माई-बाप, जीडीपी तक उसका!
जीडीपी का डेटा ऊपर-ऊपर जैसा दिखाता है, अंदर घुसने पर पता चलता है कि वैसा कतई नहीं है और हकीकत बड़ी दारुण है। आखिर जीडीपी का बढ़ना और निजी क्षेत्र के घटिया प्रदर्शन एक साथ कैसे? जीडीपी में निजी क्षेत्र से जुड़े दो सबसे बड़े हिस्से हैं पीएफसीई (प्राइवेट फाइनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर) या निजी खपत पर होनेवाला खर्च और निजी क्षेत्र का पूंजी निवेश। निजी खपत बढ़ती है तो निजी पूंजी निवेश भी बम-बम करता है। लेकिनऔरऔर भी
