न हीनता का भाव, न ही सर्वज्ञता का गुमान
शेयर बाज़ार के लिए यह संधि-सप्ताह है। चार दिन साल 2020 के। एक दिन साल 2021 का। चाहें तो पुरानी गलतियां पुराने साल में छोड़कर नए साल की नई शुरुआत इसी हफ्ते कर सकते हैं। याद रखें कि शेयर बाज़ार ऐसी जगह है जहां न्यूटन जैसे वैज्ञानिक भी गच्चा खाते रहे हैं। इसलिए ज़रूरी है कि हम न तो अपने भीतर हीनता-भाव रखें और न ही खुद के सर्वज्ञ होने का गुमान पालें। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी
