छोटी इकाइयां बौनी, बड़ी क्यों नहीं होतीं
भारत के आर्थिक इतिहास का दुखद सच है कि यहां छोटे उद्योग व व्यापार की कभी कद्र नहीं हुई। सरकारी और निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों पर ही सरकार की कृपा बरसती रही। औद्योगिक नीति में पीएलआई जैसी सब्सिडी बड़ी कंपनियों को मिलती रही। इन्हीं नीतियों का नतीजा है कि अक्सर छोटी कंपनियां बाल्यावस्था से प्रौढ़ बनते हुए बड़ी नहीं बनतीं, बल्कि बौनी ही रह जाती हैं। उम्मीद थी कि यह सच्चाई बदल जाएगी। खासकर जनवरी 2017औरऔर भी
