केंद्र सरकार ने अपनी प्रमुख योजना राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून के तहत करोड़ों रुपए की कथित वित्तीय अनियमितता मामले में मध्य प्रदेश सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र भेजा है। इसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के तहत मजदूरी वितरण में लगाए गए कई आरोपों के बारे में जवाब मांगा है। सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार के जवाब के आधार परऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय को निर्देश दिए है कि वे 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में 2001 से लेकर 2008 तक की अवधि की पूरी जांच करें। इस निर्देश के साथ ही एनडीए और यूपीए दोनों के शासनकाल की दूरसंचार नीतियां अब जांच के दायरे में आ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जी एस सिंघवी और ए के गांगुली की पीठ ने स्पष्ट किया कि जांच में सरकारी खजाने को हुए नुकसानऔरऔर भी

देश के अधिकांश निवेशक भले ही गुजरात, महाराष्ट्र व राजस्थान में हों, लेकिन सरकार की 400 करोड़ रुपए की निवेशक शिक्षा एवं सुरक्षा निधि (आईईपीएफ) में पंजीकृत 100 एनजीओ में से सबसे ज्यादा 19-19 एनजीओ तमिलनाडु व उत्तर प्रदेश के हैं। उ.प्र. में कानपुर में वीरेंद्र जैन द्वारा संचालित मिदास टच इन्वेस्टर्स एसोसिएशन ही काम का है। बाकी कुछ छंटे हुए नाम। अवध समाज सेवा संस्थान (अंबेडकरनगर), आदर्श सेवा संस्थान (बाराबंकी), चित्रकूट सेवा आश्रम (चित्रकूट), कृष्ण जनकल्याणऔरऔर भी

साल 2009 के अंत तक देश में सक्रिय गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की संख्या 33 लाख थी। कुल आबादी 120 करोड़ मानें तो हर 365 भारतीय पर एक एनजीओ। इसमें केवल पंजीकृत एनजीओ शामिल हैं। सीधा-सा मतलब है कि देश में अवाम से जुड़ने का एक बड़ा तंत्र सरकार के समानांतर बन चुका है। सबसे ज्यादा 4.8 लाख एनजीओ महाराष्ट्र में हैं। इसके बाद आंध्र प्रदेश में 4.6 लाख, उत्तर प्रदेश में 4.3 लाख, केरल में 3.3 लाख,औरऔर भी