समझें हवाबाज़ी करने की मानसिकता
हमारे समाज में बहुतेरे लोग आदतन खुद को तोप-तमांचा साबित करने में लगे रहते हैं। जानते नहीं कि मैं कौन हूं? ऐसे जुमले आपने भी बराबर सुने होंगे। यही लहज़ा शेयर बाज़ार से जुड़े लोगों में भी नज़र आता है। डंके की चोट पर बताते हैं कि फलांना शेयर कहां तक जानेवाला है। दरअसल, इस हवाबाज़ी के पीछे खुद को महत्वपूर्ण बताने की मानसिकता काम कर रही होती है। इन्हें किनारे रखकर देखें अब सोम का व्योम…औरऔर भी
