गणतंत्र का अर्थ और महत्व ज्ञान का
देश 67वें गणतंत्र दिवस तक आ पहुंचा। लेकिन क्या हम गणतंत्र में गण यानी अपनी भूमिका समझते हैं? एक बात जान लें कि गणतंत्र में गण ही संप्रभु होता है। सारी सत्ता जनता में ही निहित है। लेकिन गूंगे को बोलने और पंखहीन को उड़ने की आज़ादी का क्या मतलब है! इसी तरह अवाम के ज्ञानवान बने बिना कोई भी गणतंत्र या अर्थतंत्र मजबूत नहीं होता। इसलिए ज्ञानवान बनना हमारा परम कर्तव्य है। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी
