मुनाफे को खींचें, घाटे को छोटा काटें
सभी मुनाफा चाहते और घाटे से घबराते हैं। उनको यही समझदारी लगती है कि जितना मुनाफा हो, उसे फटाफट समेट लिया जाए। अहंकार भी सिर चढ़कर बोलता है कि हम घाटा कैसे खा सकते हैं तो वे ट्रेडिंग का घाटा इस भ्रम में लंबा खींचते जाते हैं कि अंततः दिशा पलटेगी और वे मुनाफा कमा लेंगे। लेकिन, ट्रेडिंग की समझदारी कहती है कि घाटे को छोटे में काटो, मुनाफे को लंबा खींचते जाओ। अब गुरुवार का दशा-दिशा…औरऔर भी
