पैसा बड़े-बड़ों को हिलाकर रख देता है। 50% डिस्काउंट मिले तो हम दोगुनी खरीदारी कर डालते हैं। साथ में कुछ मुफ्त ऑफर हो तो महंगी चीज़ तक खरीद डालते हैं। पैसा हमें भावनाओं की ऐसी भंवर में उलझा देता है जहां हम तर्कसंगत फैसले नहीं कर पाते, जबकि ट्रेडिंग तर्कसंगत व्यवहार की मांग करती है। पैसे पर फोकस रहेगा तो ट्रेडिंग में फिसल जाएंगे। कुशल ट्रेडिंग पर ध्यान रहेगा तो पैसा अपने-आप आएगा। अब आज की ट्रेडिंग…औरऔर भी