कोल इंडिया ने प्रति शेयर 29 रुपए का अंतरिम लाभांश घोषित किया तो बाज़ार खुलने के कुछ ही पलों में उसका 6.56% बढ़कर 307.85 रुपए पर पहुंचना स्वाभाविक था। क्या आप जानते हैं कि इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड तिथि भले ही 20 जनवरी हो, लेकिन यह 17 जनवरी से एक्स-डिविडेंड हो जाएगा। अगर आज आपने इसे खरीद लिया तभी आप लाभांश के हकदार होंगे। शुक्र को यह सीधे 29 रुपए नीचे खुलेगा। अब गुरु की चाल…औरऔर भी

ट्रेडिंग के लिए भावों की दशा-दिशा को कायदे से पढ़ना ज़रूरी है। पर इससे भी ज्यादा ज़रूरी है अपने मनोभावों को पढ़ना। मान लीजिए, आपने कोई स्टॉक पूरी गणना के बाद यह सोचकर खरीदा कि वो यहां से बढ़ेगा। लेकिन वो गिरने लगता है। आपका दिल डूबने लगता है। आप सोचते हैं कि जैसे ही यह उठकर ऊपर आएगा, आप बेचकर निकल लेंगे। दूसरे भी यही सोचते हैं। बेचनेवालों की भरमार, खरीदनेवाले नदारद। अब आज की ट्रेडिंग…औरऔर भी

जिस तरह ओस की बूंदों से प्यास नहीं बुझती, उसी तरह ट्रेडिंग में हर शेयर की तरफ भागने से कमाई नहीं होती। जिस तरह आपका अपना व्यक्तित्व है, उसी तरह हर शेयर का खास स्वभाव होता है। अपने स्वभाव से मेल खाता एक भी स्टॉक चुन लेंगे तो वो आपका फायदा कराता रहेगा। तमाम कामयाब ट्रेडर पांच-दस से ज्यादा स्टॉक्स में ट्रेड नहीं करते। इसलिए वही-वही नाम देखकर बोर होने की ज़रूरत नहीं। अब मंगल का ट्रेड…औरऔर भी

ट्रेडिंग का मकसद है खरीदने-बेचने का ऐसा चक्कर चलाना ताकि हमारे खाते में बराबर धन आता रहे। इसके दो खास तरीके हैं। दोनों के तौर-तरीके अलग हैं। स्विंग ट्रेड में पांच-दस दिन के लिहाज से एक-दो सौदे करते हैं और रिस्क रिवॉर्ड अनुपात 1:3 से ज्यादा रखते हैं। वहीं इंट्रा-डे में नियम है कि दिन में कम से कम दस सौदे करने चाहिए और न्यूनतम रिस्क रिवॉर्ड अनुपात 1:2.5 का होना चाहिए। अब नए हफ्ते का आगाज़…औरऔर भी

आपने पतंग उड़ाई होगी या गौर से किसी को उड़ाते हुए देखा होगा तो आपको पता होगा कि पहले ढील देकर फिर अचानक डोर को खटाखट खींचकर कैसे सामनेवाले की पतंग काट दी जाती है। शेयर बाज़ार में नतीजों के दौरान उस्ताद लोग ऐसा ही करते हैं। इसलिए कम रिस्क उठाकर ट्रेडिंग करनेवालों नतीजों के दिन उस स्टॉक से दूर रहना चाहिए। उस्तादों की लड़ाई में कूदने की बहादुरी का कोई मतलब नहीं। अब शुक्रवार की ट्रेडिंग…औरऔर भी

ट्रेडिंग में नौसिखिया लोगों को हाथ नहीं डालना चाहिए। यह उन लोगों के लिए है जो बाज़ार की चाल-ढाल और टेक्निकल एनालिसिस को अच्छी तरह समझते हैं। उनके दिमाग में साफ होना चाहिए कि बाज़ार में कौन-कौन सी शक्तियां हैं जिनकी हरकत भावों को उठा-गिरा सकती है। बाज़ार में संतुलन का पूरा नक्शा उनके दिमाग में साफ होना चाहिए। चार्ट में लोगों की भावनाओं को पढ़ सकने की कला उन्हें आनी चाहिए। अब देखें गुरु की चाल…औरऔर भी

चूंकि हमारे शेयर बाज़ार में विदेशी निवेशक संस्थाएं (एफआईआई) बड़ी दबंग स्थिति में हैं। इसलिए बाज़ार का उठना गिरना इससे भी तय होता है कि डॉलर के मुकाबले रुपए का क्या हाल है। कल डॉलर का भाव 62.30 रुपए पर लगभग जस का तस रहा तो निफ्टी भी ज्यादा नहीं गिरा। हालांकि लगातार पांचवें दिन बाज़ार का गिरना पिछले तीन साल की सबसे बुरी शुरुआत है। पर सुबह दस बजे बाज़ार को बहुत तेज़ झटका लगा कैसे?…औरऔर भी

दिसंबर तिमाही के नतीज़ों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। लिस्टेड कंपनियों ने चालू वित्तीय साल की तीसरी तिमाही में कैसा कामकाज किया, इसका ध्यान रखना ज़रूरी है क्योंकि शेयरों के भाव भले ही छोटी अवधि में डिमांड-सप्लाई के संतुलन से प्रभावित होते हैं, लेकिन हैं वे कंपनी के कामकाज या कैश फ्लो की ही छाया। मूल काया ही चौपट होगी तो छाया को मिटना ही है। इसलिए नतीज़ों पर नज़र रखते हुए बढ़ते हैं आगे…औरऔर भी

ट्रेडिंग में अगर हर दिन नोट बनने लगें तो इससे अच्छा क्या हो सकता है? हर कोई यही चाहता है। लेकिन नोटों के पीछे भागने से कभी आप खुश नहीं सकते क्योंकि सारी दुनिया का धन कभी आपके पास नहीं आ सकता। कामयाब/प्रोफेशनल ट्रेडर धन के पीछे नहीं भागता। वह अक्सर ट्रेडिंग पर बकबक भी नहीं करता। वो बड़े धीरज से कमाता है ताकि जीवन में कुछ दूसरी महत्वपूर्ण चीजें कर सके। अब नए सप्ताह का आगाज़…औरऔर भी

बाज़ार कल दोपहर दो बजे तक ठीकठाक चल रहा था। निफ्टी सुबह-सुबह 6350 के ऊपर जाकर कमोबेश उसी रेंज में चल रहा था। तभी अचानक तेज बिकवाली का झटका आया और निफ्टी 1.28% की गिरावट के साथ दिन के न्यूनतम स्तर के करीब 6221.15 पर बंद हुआ। निफ्टी में शामिल 50 से मात्र छह स्टॉक्स बढ़े। बाकी सब धराशाई। पूरे बाज़ार में 299 बढ़े, 893 गिरे, 32 जस के तस। आखिर ये क्यों हुआ? देखते हैं आगे…औरऔर भी