यह तो सरासर सेंधमारी है टैक्स की
आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही होती हैं तो सरकार का टैक्स अपने-आप बढ़ता जाता है। लेकिन ऐसा नहीं होने पर सरकार पके-पकाए संसाधनों पर हाथ साफ करने लग जाती है। ऑप्शंस सौदों पर एसटीटी 0.017% से 0.050% करना और ईपीएफ में जमाधन के 60% हिस्से को टैक्स के दायरे में लाना ऐसी ही हरकत है। सरकार भूल गई कि टैक्स कमाई गई आय पर लगता है, न कि ईपीएफ जैसी बचाई गई आय पर। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी
