उम्मीद से बेहतर नतीजे उड़ा देते भाव
किसी भी अन्य बाज़ार की तरह वित्तीय बाज़ार में भी भाव मांग और सप्लाई के संतुलन से तय होते हैं। लेकिन वित्तीय बाज़ार, खासकर शेयर बाज़ार में मांग तब पैदा होती है, जब अधिकांश लोगों को लगता है कि सूचकांक या खास शेयरों के भाव बढ़नेवाले हैं। शेयरों के भाव तब बढ़ते हैं जब उन्हें खरीदनेवाले ज्यादा होते हैं और ऐसा तब होता है कि कंपनी के नतीजे उम्मीद से बेहतर होते हैं। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी
