गलत सोच से होती हैं गलतियां
काश! कुछ ऐसा मिल जाता है जिसमें पक्की कमाई हो जाती। उसने तो इतना बना लिया और मैं पीछे छूट गया। जितना मिला ठीक, पर और ज्यादा मिले। कहीं मौका हाथ से निकल न जाए। निवेशकों के मन में ऐसे विचार अमूमन आते हैं। इन सब का असर बाज़ार पर भी पड़ता है। लेकिन निजी स्तर पर इसका खामियाज़ा हम एक बार नहीं, बार-बार गलतियों के रूप में भुगतते हैं। अब तथास्तु में आज की उभरती कंपनी…औरऔर भी







