नौकरी की मानसिकता से ट्रेडिंग नहीं
ब्रोकर, सब-ब्रोकर या जॉबर ट्रेडिंग करते हैं क्योंकि यही उनका पेशा है। बैंकों या वित्तीय संस्थाओं के ट्रेजरी विभाग के लोग ट्रेडिंग करते हैं क्योंकि यही उनकी नौकरी है। लेकिन जब सामान्य नौकरी करनेवाले ट्रेडिंग के फेर में पड़ते हैं तो अक्सर डूब जाते हैं। असल में नौकरी की हर महीने बंधी तनख्वाह की मानसिकता से ट्रेडिंग नहीं की जा सकती। ट्रेडिंग में कभी जमकर कमाई तो कभी महीनों तक सूखा रहता है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी
