स्वास्थ्य मंत्र
शरीर ही शरीर का सबसे बड़ा चिकित्सक है। बाहरी दवाएं या क्रियाएं तो शरीर के तत्वों को सक्रिय भर करती हैं। मूल इलाज तो शरीर की कोशिकाएं व तंतु करते हैं। सदा स्वस्थ रहने का केंद्रीय मंत्र यही है।और भीऔर भी
शरीर ही शरीर का सबसे बड़ा चिकित्सक है। बाहरी दवाएं या क्रियाएं तो शरीर के तत्वों को सक्रिय भर करती हैं। मूल इलाज तो शरीर की कोशिकाएं व तंतु करते हैं। सदा स्वस्थ रहने का केंद्रीय मंत्र यही है।और भीऔर भी
कैंसर की एक दवा सेतुक्सिमैब का अध्ययन कर रहे वैज्ञानिकों ने पाया है कि कैंसर कोशिकाएं इलाज से बचने के लिए उन्हें चकमा देती हैं और राह बदल लेती हैं। ये कोशिकाएं ट्रैफिक जाम में फंसी कारों की तरह व्यवहार करती हैं। जब एक रास्ता बंद हो जाता है तो वे वैकल्पिक रास्ता तलाश लेती हैं और उनका बढ़ना बदस्तूर जारी रहता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस नई खोज से ट्यूमर में दवा प्रतिरोध कोऔरऔर भी
जल्दी ही कैंसर की एक सार्वभौमिक दवा तैयार होगी जिसके बारे में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि वह सभी तरह के कैंसर को वह बीच में ही रोक देगी। वैज्ञानिकों के अनुसार यह दवा की नयी पीढ़ी का हिस्सा है। वो अग्नाशय, प्रोस्टेट और स्तन जैसे कैंसरों के खिलाफ शरीर की अपनी रक्षा प्रणाली का इस्तेमाल करती है। वैज्ञानिकों के अनुसार दो साल में यह दवा बाजार में आ जाएगी। हालांकि टीके भी इस बीमारी कोऔरऔर भी
एपॉप्टोसिस शरीर की कोशिकाओं के मरते जाने की पूर्व नियोजित व्यवस्था है जो किसी अंग के पूरी तरह विकसित होने तक सहयोग करती है, लेकिन उसके बाद कोशिकाओं को बढ़ने से रोक देती है। जैसे, मानव भ्रूण में जब तक अंगूठे और उगलियां विकसित नहीं हो जातीं, तब तक यह कोशिकाओं को बनने देती है, उसके बाद नहीं। इसी व्यवस्था के चलते औसत वयस्क इंसान के शरीर में हर दिन 50 से 70 अरब कोशिकाएं मरती हैं।औरऔर भी
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