जिरहबख़्तर
न जाने कितने जिरहबख्तर बांधे फिरते हैं हम। कभी भगवान, कभी परिवार, कभी परंपरा तो कभी नौकरी का कवच कुंडल हमारी हिफाजत करता रहता है। बहादुर वो है जो इस सारी सुरक्षा को तोड़कर सीधे सच का सामना करता है।और भीऔर भी
गिरावट का इंतज़ार, बढ़ता बाज़ार
बाजार हमेशा चौंकाता रहता है। उसका यही स्वभाव है। हर कोई इस समय करेक्शन चाहता है। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा। बाजार बढ़ता ही जा रहा है। करीब दो बजे तक मामला थोड़ा-बहुत ऊपर-नीचे चलता रहा। फिर उसके बाजार ने क्या छलांग लगाई। निफ्टी 5334.85 तक पहुंचने के बाद अंत में 1.06 फीसदी की बढ़त लेकर 5325.85 पर बंद हुआ। अब तो यही लगता है कि जब आप सोचते-सोचते थक जाएंगे, तब अचानक धूमधड़ाम करेक्शन हो जाएगा।औरऔर भी
साहस और प्रतिभा
प्रतिभा को साहस और बहादुरी का साथ न मिले तो वह कभी खिल ही नहीं सकती। डर-डर कर जीनेवाला दुनियादार हो सकता है, प्रतिभाशाली नहीं। प्रतिभा तो हमेशा लीक से हटकर, खांचे को तोड़कर चलती है।और भीऔर भी
एफआईआई बेचें तो खरीदे है कौन!
रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) फिर कोल इंडिया को पीछे छोड़ बाजार पूंजीकरण में देश की पहले नंबर की कंपनी बन गई। आज उसका बाजार पूंजीकरण 2,50,648 करोड़ रुपए रहा, जबकि कोल इंडिया 2,47,538 करोड़ रुपए पर आ गई। ऊपर से कोल इंडिया को आज एक विदेशी ब्रोकिंग हाउस ने डाउनग्रेड भी कर दिया, जबकि यह अभी तक एफआईआई का सबसे चहेता स्टॉक बना हुआ है। मोटी-सी बात है कि अगर सेंसेक्स में शामिल कंपनियों के लाभार्जन को डाउनग्रेडऔरऔर भी
कायर से गठबंधन
कायर से गठजोड़ कभी न करो क्योंकि वह सिर्फ अपनी चमड़ी देखता है। किसी की परवाह नहीं करता। उसके हाथ में सत्ता हो तो उसे तानाशाह बनते देर नहीं लगती। कमाल तो यह है कि लोग उसे बहादुर समझते हैं।और भीऔर भी



