पात्र या कुपात्र
2010-08-27
जानने की पहली सीढ़ी है सवाल। जिसके पास भी सवाल होंगे, उसे उनका जवाब मिल जाएगा। सब कुछ है इस दुनिया में। हां, इतना जरूर है कि यहां कुछ भी पाने से पहले उसकी पात्रता हासिल करनी पड़ती है।और भीऔर भी
सवाल के सूत्र
2010-07-09
जैसे कोई खुद को खोजने की निशानियां जान-बूझकर छोड़े जा रहा हो, जैसे कोई मां अभी-अभी चलना सीखे बच्चे के साथ लुकाछिपी खेलती है, उसी तरह हर सवाल अपने समाधान के सूत्र हमारे आसपास ही रख छोड़ता है।और भीऔर भी
सवालों को आने दो
2010-06-26
ये सीलन भरी बास, ये घुटे-घुटे विचार अच्छे नहीं लगते। सारे खिड़की दरवाजे खोल दो। हवाओं को आने दो, सवालों को आने दो। हवाएं सफाई का सरंजाम साथ लेकर चलती हैं और सवाल हर घुटन का जवाब।और भीऔर भी
