वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश करते हुए ऐलान कर दिया कि अब नई कर व्यवस्था के तहत साल भर में 12 लाख रुपए तक (यानी महीने में औसतन एक लाख रुपए) की आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा। यह रकम नौकरीपेशा करदाता के लिए 75,000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन जोड़कर 12.75 लाख रुपए हो जाती है। इसके बाद लोकसभा से लेकर मीडिया तक तालियों की बौछार होने लगी। वित्तऔरऔर भी

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के जीवन अक्षय-VI प्लान  को केंद्र सरकार ने आयकर कानून की धारा 80-सी तहत कर छूट देने का फैसला किया है। यह छूट उसे 80 सी की उपधारा-2 के अनुच्छेद (xii) के तहत एन्यूटी प्लान मानकर दी जा रही है। जिन भी लोगों ने इस प्लान में वित्त वर्ष 2007-08 या उसके बाद निवेश किया है, वे इसमें दिए गए प्रीमियम पर कर छूट ले सकते हैं। लेकिन यह छूट 80 सीऔरऔर भी

जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी, वित्त मंत्री ने बजट 2010-11 में वह काम कर दिखाया। सभी को यही लग रहा था कि क्योंकि प्रत्यक्ष कर संहिता (डायरेक्ट टैक्स कोड) लागू होनी है, इसलिए शायद प्रणब मुखर्जी इस बार व्यक्तिगत आयकर की दरों या स्लैब में कोई तब्दीली नहीं करेंगे। बहुत हुआ तो करमुक्त आय के लिए होम लोन के ब्याज की सीमा को 1.5 लाख रुपए के मौजूदा स्तर से बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर देंगे।औरऔर भी