ज्ञान का सुख
जीने की चाह में मरे जा रहे हैं। अस्सी साल, नब्बे साल, सौ साल। इत्ता जीकर क्या करोगे बापू? असली सुख तो पाया नहीं! जाना ही नहीं कि हमारे अंदर-बाहर जो भी हो रहा है, वो हो क्यों रहा है असल में।और भीऔर भी
जीने की चाह में मरे जा रहे हैं। अस्सी साल, नब्बे साल, सौ साल। इत्ता जीकर क्या करोगे बापू? असली सुख तो पाया नहीं! जाना ही नहीं कि हमारे अंदर-बाहर जो भी हो रहा है, वो हो क्यों रहा है असल में।और भीऔर भी
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के लगभग 11 स्मृति चिह्नों की नीलामी इस महीने अमेरिका में की जाएगी। जिन स्मृति चिह्नों की नीलामी होनी है उनमें बापू के हस्ताक्षर वाले नोट, पत्र और खादी का एक कपड़ा है। इस नीलामी से मात्र लगभग 15 लाख रुपए मिलने की उम्मीद है। कैलिफोर्निया के बोनहैम्स नीलामी घर या ऑक्शन हाउस में अगले रविवार 13 फरवरी को महात्मा गांधी के स्मृति चिह्नों की नीलामी होगी। बोनहैम्स नीलामी घर का कहना है किऔरऔर भी
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