हमें इस बात का पूरा अंदाजा था कि तेजड़िये दोहरी अफरातफरी पैदा करेंगे। इसकी दो वजहें थीं। एक, जो लोग कल लांग यानी भावी खरीद के सौदे कर चुके थे, वे भयभीत हो जाएंगे। दो, असली ट्रिगर बाजार बंद बाद होने के बाद आएगा। प्रधानमंत्री की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में 2जी स्पेक्ट्रम मामले में हलफनामा कल, शनिवार को दाखिल किया जाएगा, जिस पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा। बाजार में अगली उथलपुथल मंगलवार को आएगी।औरऔर भी

जहां देखो, वहीं सलाह देनेवालों का रेला लगा है। एसएमएस व बेवसाइटों से लेकर टीवी चैनल और ब्रोकर तक मुफ्त में सलाह बांट रहे हैं। निवेशक एक है तो सलाह देनेवाले हज़ार हैं। जब हर तरफ शेयर के भावों पर नीचे की तरफ जाते तीर का लाल निशान लगा हो तो पांचवी क्लास का बच्चा भी आपको सलाह दे सकता है। ब्रोकरों की बात मैं समझ सकता हू क्योंकि अगर आप होल्ड करेंगे या बिना मार्क टूऔरऔर भी

हर किसी को पता था कि अमेरिका राष्ट्रपति बराक ओबामा दक्षिण कोरिया के साथ किसी मुक्त व्यापार समझौते पर दस्तखत नहीं करने जा रहे हैं। लेकिन एफआईआई ने एक तरफ से 200 करोड़ डॉलर के शेयर बेच डाले और कोरिया का बाजार 3 फीसदी लुढ़क गया। हो सकता है कि बाजार को अंदेशा रहा हो कि बीते सप्ताहांत सोल में जी-20 शिखर सम्मेलन की सफल समाप्ति के बाद कोरिया ब्याज दरों में चौथाई फीसदी की वृद्धि करऔरऔर भी

चीजें पल-पल बदलती रहती हैं। शेयर बाजार के ट्रेडरों तक को यह बात ध्यान में रखनी पड़ती है। लेकिन जिन्हें निवेश करना है उनके लिए हमारा बाजार अभी कतई ऐसी दशा में नहीं पहुंचा है कि यहां एक-एक पल या एक-एक दिन का हिसाब रखना पड़े। बेफिक्र रहिए क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था की विकासगाथा अभी कम से कम आजादी की 75वीं सालगिरह साल 2022 तक चलनी है। इस बीच दुनिया की पुरानी स्थापित अर्थव्यवस्थाएं डोलमडोल होती रहेंगी। लेकिनऔरऔर भी

पावर ग्रिड का पब्लिक इश्यू (एफपीओ) पूरा हो गया और बाजार एक बार फिर करेक्शन के मोड में चला गया। ऐसा लगा जैसे बाजार के लिए और कोई ट्रिगर ही नहीं था और वह बस पावर ग्रिड के इश्यू के बीतने का इंतजार कर रहा था। लेकिन ऐसा है नहीं। बहुत सारे ट्रिगर हैं जिनके आधार पर बाजार की नए सिरे से रेटिंग होती रहेगी। अभी तो चूंकि निफ्टी 6357 को पार नहीं कर पा रहा हैऔरऔर भी

बाजार कैसे और क्यों उठता-गिरता है, इसे परिभाषित करने के लिए आपको हमारी जरूरत नहीं है। यह तो आपको खुद समझना होगा। जहां तक हमारी बात है तो बाजार के 8000 अंक से 21,000 तक पहुंचने के अनुमान में हम एकदम सटीक रहे हैं और आगे आपको कम से कम 42,000 तक ले जाएंगे। हालांकि राकेश झुनझुनवाला ने किसी को बताया है कि बाजार 50,000 अंक तक जाएगा। मजे की बात यह है कि वे यहां बीएसईऔरऔर भी

बाजार (निफ्टी) जब 6300 अंक पर पहुंच गया हो, तब स्टॉक्स को चुनकर खरीदने के लिए ज्यादा हौसले और भरोसे की दरकार होती है। टेक्निकल एनालिस्टों के चार्ट आपको आसानी से दिखा सकते हैं कि इधर या उधर, नीचे या ऊपर स्टॉप लॉस लगाकर कैसे नोट बनाए जा सकते हैं। ऐसे में फैसला आपको ही करना है कि आप चार्टों के आधार पर ट्रेड करना चाहते हैं कि कंपनी के मूलभूत आर्थिक पहलुओं यानी फंडामेंटल्स के आधारऔरऔर भी

हमने अल-सुबह ही कह दिया था कि मुहूर्त ट्रेडिंग में बीएसई सेंसेक्स 21,000 अंक के ऊपर खुलने की उम्मीद है। बाजार हमारी उम्मीद पर खरा उतरा। सेंसेक्स 21,045.66 पर खुला। 21,108.64 तक ऊंचा गया। एक घंटे की मुहूर्त ट्रेडिंग के आखिरी मिनटों में नीचे में 20,961.98 तक चला गया। लेकिन बंद हुआ 21,004.96 के अंक पर। गुरुवार के बंद स्तर 20,893.57 से 111.39 अंक बढ़कर। इसी तरह निफ्टी भी 30.65 अंक बढ़कर 6312.45 अंक पर बंद हुआऔरऔर भी

बहुत ही मरा-मरा सा दिन रहा आज का। इधर या उधर, किसी भी तरफ कोई खास हलचल नहीं दिखी। निफ्टी के 6150 पहुंचते ही तेजड़ियों ने बाजार की कमान अपने हाथ में ले ली और मंदड़िये 6130 अंक का इंतजार ही करते रह गए। आकिर में वे भी तेजड़िये के पाले में जा गिरे क्योंकि निफ्टी नवंबर फ्यूचर्स बंद हुआ है 6155 के स्तर पर, जो अपने-आप में तेजी का संकेत है। हमारी स्ट्रीट कॉल टीम कोऔरऔर भी

हमारा मानना है कि बीएसई सेंसेक्स दीवाली पर ज्यादा नहीं तो 21,000 तक जरूर जा सकता है। देखते हैं कि ऐसा होता है या नहीं। कोल इंडिया के आईपीओ से मिले रिफंड और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की टीम में शामिल 200 सीईओ बाजार में नई पूंजी प्रवाह का जरिया बनेंगे। जब हमने शुक्रवार को निफ्टी में 5986 पर खरीद की कॉल पेश की तो सभी लोगों ने हमें फिर से पागल करार देने की कोशिश की।औरऔर भी