सीधी-सी बात
मेहनत के बिना कहीं आसमान से कुछ नहीं टपकता। हां, जानवर या मशीन जैसे काम के दाम कम हैं। पर पढ़-लिखकर इंसानी हुनर के माफिक काम करेंगे तो दाम भी ज्यादा मिलेंगे। सीधी-सी बात है।और भीऔर भी
मेहनत के बिना कहीं आसमान से कुछ नहीं टपकता। हां, जानवर या मशीन जैसे काम के दाम कम हैं। पर पढ़-लिखकर इंसानी हुनर के माफिक काम करेंगे तो दाम भी ज्यादा मिलेंगे। सीधी-सी बात है।और भीऔर भी
जीवन के नए-नए अनुभव व सच हमें लंगड़ी टांग पर खड़ा कर देते हैं। हम जहां से, तहां से टेढ़े हो जाते हैं। विचार और कुछ नहीं, इस सारे टेढ़ेपन को दूर कर हमें सीधा व संतुलित बनाने का काम करते हैं।और भीऔर भी
स्वांतः सुखाय कुछ नहीं। तुम दूसरों के लिए काम करो। दूसरे तुम्हारा ख्याल रख लेंगे। लेकिन तभी, जब दूसरों को समझ में जाएगा कि आप उनके लिए जो काम कर रहे हैं, वो वाकई उनके काम का है।और भीऔर भी
हम काम हर कोई नहीं कर सकता। इसलिए हमें काम वही करना चाहिए जो हम सबसे अच्छा कर सकते हैं। बाकी औरों के लिए छोड़ दें। लेकिन आज ये छूट कहां! आज तो हम पैसे के लिए ही काम करते हैं।और भीऔर भी
2011 की जनगणना के अनुसार देश की 121 करोड़ की आबादी का 56.9% हिस्सा 15 से 59 साल यानी काम करने की उम्र का है। 60 साल या इससे ऊपर की आबादी का अनुपात 7.5% है। बाकी 35.6% बच्चे हैं 15 साल से कम उम्र के। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी कहते हैं कि अगले तीस सालों में देश में दूसरों पर निर्भर रहनेवालों का अनुपात तेजी से घटेगा। अगले बीस सालों में कामकाजी आबादी तेजी से बढ़ेगीऔरऔर भी
मैंने कुछ काम वर्ड को, कुछ एक्सेल को दे दिया। कुछ मोबाइल और लैपटॉप को बांट दिया। बाकी जो भी काम यंत्र कर सकते हैं, सभी को धीरे-धीरे बांट दूंगा। फिर मैं फुरसत से घूम-घूमकर दोस्त बनाऊंगा।और भीऔर भी
जब आप खुद को कर्ता नहीं, निमित्त मानते हैं तो और कुछ हो या न हो, तमाम झंझट व तनाव से बच जाते हैं। आपके अंदर एक तरह की तटस्थता आ जाती है और आप अपना काम ज्यादा शिद्दत से कर पाते हैं।और भीऔर भी
अच्छी बात है कि निफ्टी अब गिरकर बाजार के उस्तादों के मनोवांछित टेक्निकल स्तर पर आ गया है। फिलहाल बाजार ओवरसोल्ड अवस्था में है। यह तेजडियों के लिए सुनहरा मौका है कि वे निफ्टी को 200 अंक तक उठाकर जबरदस्त मुनाफा कमाने की सूरत निकाल लें। हमें निफ्टी की इस गति का अहसास था और हमने खुद को खास-खास सूचनाओं वाले चुनिंदा स्टॉक्स पर केंद्रित किया। ये स्टॉक गिरते बाजार में भी निश्चित रूप से बढ़ रहेऔरऔर भी
किसी शिखर पर पहुंचने से ज्यादा अहमियत इस बात की है कि आप जो काम कर रहे हैं, उससे संतुष्ट हैं कि नहीं, वह आपको सार्थक लगता है कि नहीं। अगर हां तो फर्क नहीं पड़ता कि दूसरे क्या सोचते हैं।और भीऔर भी
© 2010-2025 Arthkaam ... {Disclaimer} ... क्योंकि जानकारी ही पैसा है! ... Spreading Financial Freedom