चालू वित्त वर्ष 2010-11 में 31 अक्‍टूबर तक के सात महीनों में देश भर में बैंकों व वित्तीय संस्थाओं द्वारा 2,28,884 करोड़ रुपए का कृषि‍ ऋण दि‍या जा चुका है। वि‍त्‍त वर्ष में अभी तीन माह बाकी हैं और पि‍छले दो महीनों के आंकड़ों का संकलन कि‍या जाना है। इस आधार पर कृषि क्षेत्र को 3,75,000 करोड़ रुपए बतौर ऋण देने का लक्ष्‍य पार हो जाने की संभावना है। पिछले वित्त वर्ष 2009-10 में 3,84,514 करोड़ काऔरऔर भी

दो महीने तक लस्टम-पस्टम चलने के बाद देश की औद्योगिक विकास दर फिर दहाई अंक में आ गई है। औदियोगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) से नापी जानेवाली यह दर अक्टूबर में 10.8 फीसदी रही है, जबकि अगस्त में यह 6.91 फीसदी और सितंबर में मात्र 4.4 फीसदी ही थी। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोटेंक सिंह आहूलवालिया अक्टूबर के आंकड़ों से इतने उत्साहित हैं कि कहने लगे हैं कि यह (आईआईपी की विकास दर) पूरे वित्त वर्ष 2010-11 मेंऔरऔर भी