टेक्निकल चार्ट के ग्राफ नीचे-नीचे डूब गए तो निवेशकों का भरोसा भी डूब रहा है। पूरे बाजार में डर छा गया है। खरीदार कोई भी नया सौदा करने से डर रहे हैं। निवेशक नफा-नुकसान जो भी, उसी पर बेचकर निकल लेना चाहते हैं। उन्हें बिजनेस चैनलों पर जिस तरह हर तरफ हताशा-निराशा दिखाई जा रही है, उसके अलावा कुछ नहीं दिख रहा। यूरोप के बाजार हर दिन खुलने पर धराशाई हो रहे हैं। अमेरिकी बाजार इन्हीं केऔरऔर भी

हां, इसे आप राहत और सुकून की रैली कह सकते हैं। अब कहा जा सकता है कि हर बढ़त पर आपको बेच लेना चाहिए। यही बात तो चार्ट हर समय फेंकते रहते हैं। निवेशकों व ट्रेडरों को चक्र के अंत में बेचने की सलाह दी जाती है। खैर, जैसी कि उम्मीद थी निफ्टी 5120 अंक के ऊपर बंद हुआ। फिलहाल, कोई कहासुनी नही क्योंकि वक्त ही हमें बतलाएगा कि हम किस दिशा में जा रहे हैं। आजऔरऔर भी

हमने गोल्डमैन सैक्स की घटना के साथ ही भारतीय बाजार पर पड़नेवाले उसके प्रभाव की भी जानकारी अलग से दी थी। इस पर घबराने की कोई बात नहीं है और जो लोग बाजार गिरने के अंदेशे में शॉर्ट सौदे करना चाहते हैं, हम उनकी जरा-सा भी परवाह नहीं करते। चाहे कुछ भी हो जाए, निफ्टी आनेवाले वक्त में 6400 के स्तर तक पहुंचेगा। इसलिए बाजार में अभी जिस तरह की छोटी-मोटी गिरावट आ रही है, उसे दरअसलऔरऔर भी

भला आप सोच सकते हैं कि बाजार कैसे चलता है?  कल ग्रीस के संभावित डिफॉल्ट की खबर को हर तरफ अफरातफरी फैलाने में इस्तेमाल किया गया और पूरा बाजार मंदी की गिरफ्त में आ गया। अब, ऐसी चीजें तो होती रहती हैं और आगे भी होती रहेंगी। लेकिन अफरातफरी के माहौल में भी हमने अपना विश्वास बरकरार ही नहीं रखा, बल्कि बाजार में खरीद की कॉल दी। और, बाजार ने भी आज हमारी कॉल का मान रखा।औरऔर भी

निवेशक खुद सीधे शेयर बाजार में पैसा लगाने की बजाय म्यूचुअल फंडों की इक्विटी स्कीमों से ज्यादा फायदा उठा सकते हैं। यह बात साबित होती है पिछले एक साल में ऐसी स्कीमों द्वारा दिए गए रिटर्न से। पिछले एक साल में बीएसई का मुख्य सूचकांक सेंसेक्स जहां करीब 70 फीसदी बढ़ा है, वहीं म्यूचुअल फंडों की इक्विटी स्कीमों का एनएवी (शुद्ध आस्ति मूल्य0 152 फीसदी तक बढ़ा है। म्यूचुअल फंड के आंकड़े और शोध से जुड़ी संस्थाऔरऔर भी

बाजार की गति बतानेवाला बीएसई सेंसेक्स आज 17,935 अंक पर बंद हुआ। यह अब 18,000 के स्तर से कुछ ही फासले पर है। आनेवाले हफ्तों में यह 18,300 अंक के पार जा सकता है। टाटा स्टील 680 रुपए पर जा पहुंचा तो स्टरलाइट 865, सैंडुर 760, विंडसर 47, विमप्लास्ट 184, शिवालिक 33, बालासोर 28, आरडीबी 118, एसएनएल 42, जमना ऑटो 89 और एनआरबी 78 रुपए तक चला गया। बढ़त का दौर ऐसे ही चला। फिर भी बहुतऔरऔर भी

एशियाई बाजारों की चाल से कदम से मिलाते हुए बीएसई सेंसेक्स 17644 अंक पर बंद हुआ। अमेरिका में बेरोजगारी के नए आंकड़ों ने शुभ संकेत दिए हैं। इसका वहां के बाजार के साथ ही दुनिया के दूसरे बाजारों पर अच्छा असर पड़ा है। हालांकि फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफ एंड ओ) के नए सेटलमेंट के पहले दिन नई खरीद हुई है। लेकिन वित्त वर्ष का आखिरी दौर होने के कारण कारोबार या वॉल्यूम का स्तर कमजोर ही बनाऔरऔर भी

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे थे। फिर भी बाजार बढ़त के स्तर को बनाए नहीं रख सका। यह अजीब, मगर सच है। बाजार के साथ अक्सर ऐसा ही होता है कि अच्छी खबर का उतना असर उस पर नजर नहीं आता। खैर, बाजार के ऊपर बढ़ने का रुझान अभी थमा नहीं है। बल्कि, आईआईपी के अच्छे आंकड़े, एनएमडीसी के इश्यू का शांति से सब्सक्राइब हो जाना… सब यही दिखाता है कि बाजारऔरऔर भी